Reporting by Mustaffa
अमित साहू की बाइक का नंबर इस्तेमाल कर रहा कोई और,पीड़ित ने मेसरा ओपी में दर्ज कराई शिकायत
मेसरा( रांची): राजधानी में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर सड़कों पर वाहन दौड़ाने और दूसरों को कानूनी पचड़े में फंसाने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मामला सदर थाना क्षेत्र के बीआईटी मेसरा ओपी का है,जहां एक युवक की बाइक घर पर खड़ी होने के बावजूद उसके नंबर पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा धड़ाधड़ ऑनलाइन चालान काटे जा रहे हैं। पीड़ित को जब मोबाइल पर जुर्माने के मैसेज मिले,तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एक महीने में दो बार कटा जुर्माना,मेसरा (मंडा टांड़ के पास) के रहने वाले पीड़ित अमित साहू के पास जेएच 01 डीई 3739 रजिस्ट्रेशन नंबर की एक आपाची बाइक है। अमित के अनुसार,वे तब हैरान रह गए जब उनके मोबाइल पर ट्रैफिक नियम उल्लंघन के दो अलग-अलग चालान भेजे गए। पहला चालान 17 अप्रैल 2026 को दोपहर 02:51 बजे कठल मोड़ (गुटुवा जीरो लेन-2) के पास बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रूपये का चालान काटा गया। दूसरा चालान ठीक एक महीने बाद,18 मई 2026 को दोपहर 12:16 बजे उसी कठल मोड़ (अरगोड़ा चौक लेन-1) के पास दोबारा बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर फिर से 1000 रुपये का ऑनलाइन चालान जारी किया गया। अमित साहू ने बताया कि जिस समय और जिस इलाके (कठल मोड़) में यह चालान काटा गया है,उस वक्त उनकी गाड़ी वहां मौजूद ही नहीं थी। जब उन्होंने ऑनलाइन चालान की कॉपी और उसमें ट्रैफिक कैमरे द्वारा ली गई तस्वीरों को देखा,तो उनके होश उड़ गए। तस्वीरों में कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी बाइक के नंबर प्लेट (जेएच 01 डीई 3739) का इस्तेमाल किसी दूसरी मोटरसाइकिल(ग्लेमर बाईक) पर करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। भविष्य में किसी बड़ी कानूनी मुसीबत या किसी आपराधिक घटना में फंसने की आशंका को देखते हुए पीड़ित अमित साहू ने तुरंत कानूनी कदम उठाया है। उन्होंने थाना प्रभारी बीआईटी मेसरा ओपी-बीआईटी को लिखित आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है। अमित साहू ने कहा,यह पूरी तरह से अवैध है और मेरे लिए भविष्य में गंभीर कानूनी समस्या खड़ी कर सकता है। मेरी पुलिस प्रशासन से विनती है कि इस फर्जीवाड़े की जांच कर असली दोषी को तुरंत पकड़ा जाए और मेरे वाहन नंबर का दुरुपयोग रोका जाए। मेसरा ओपी थाना प्रभारी अजय कुमार दास ने कहा,पुलिस ने आवेदन स्वीकार कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। ट्रैफिक पुलिस के कैमरों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उस अज्ञात बाइक चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है,जो इस फर्जी नंबर प्लेट के खेल को अंजाम दे रहा है।
