News by Sunil
रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। एक-एक वोट की कीमत इतनी बढ़ गई है कि सभी दलों ने अपने-अपने विधायकों पर कड़ी नजर रखने की तैयारी कर ली है। मुख्य मुकाबला एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी और कांग्रेस के प्रणव झा के बीच माना जा रहा है। क्रॉस-वोटिंग की आशंका को देखते हुए हर दल ने खास एजेंट तैनात किए हैं जो विधायकों के वोट पर नजर रखेंगे।
तीन स्तरों पर होगी निगरानी : पहला काम सबसे अहम है जो कि विधायक वोट डालने से पहले अपना बैलेट पेपर अनिवार्य रूप से पार्टी एजेंट को दिखाएंगे ताकि यह साफ हो सके कि वोट पार्टी के तय उम्मीदवार को ही दिया गया है।
दूसरा : पोलिंग एजेंट. ये बूथ पर बैठकर यह रिकॉर्ड रखेंगे कि कितने विधायकों ने वोट डाल दिया है और कितने बाकी हैं।
तीसरा: काउंटिंग एजेंट. ये मतगणना के दौरान मौजूद रहेंगे और किसी भी विवाद की स्थिति में दखल देंगे।
कांक्रॉस-वोटिंग हुई तो क्या होगा
एजेंट को वोट दिखाने से क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायक का वोट रद्द तो नहीं होगा लेकिन पार्टी को तुरंत पता चल जाएगा कि किसने पार्टी लाइन से बगावत की। इसके बाद पार्टी विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत देकर संबंधित विधायक की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेताओं पर जताया भरोसा
कांग्रेस ने स्थानीय चेहरों के बजाय वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं को यह जिम्मेदारी दी है। पार्टी प्रभारी के. राजू और सांसद डॉ. बेला प्रसाद पार्टी एजेंट के रूप में विधायकों के वोट की जांच करेंगे। पार्टी में टूट और क्रॉस-वोटिंग की चर्चाओं के बीच यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
भाजपा पार्टी एजेंट की जिम्मेदारी अमर बाउरी और नवीन जायसवाल को सौंपी गई है जो विधायकों के मतों की जांच करेंगे। पोलिंग एजेंट के रूप में विकास प्रीतम और अनंत ओझा को लगाया गया है। काउंटिंग के वक्त भानु प्रताप शाही और राज सिन्हा की जिम्मेदारी दी गयी
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पार्टी एजेंट के तौर पर मंत्री सुदिव्य सोनू और महासचिव विनोद कुमार पांडे को तैनात किया है। पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी मिथिलेश ठाकुर और फागू बेसरा को दी गई है।
राजद और माले की भी तैयारी पूरी
राजद ने भोला यादव को पार्टी के चार विधायकों के वोट की निगरानी, पोलिंग और काउंटिंग तीनों की जिम्मेदारी अकेले सौंपी है। माले ने गायत्री मंडल और हलधर महतो को पोलिंग और काउंटिंग एजेंट बनाया है।
