News By Deepak Yadav
सिर्फ 28 दिनों में 66 देशों तक पहुंची भारतीय शास्त्रीय संगीत
रांची: भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित भारत के गवैया ने मात्र 28 दिनों के भीतर अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल कर एक नया इतिहास रचा है। भारत के गवैया का नाम विश्व के 66 से अधिक देशों में कला प्रेमियों के बीच तेजी से पहचान बन गया है। 16 जून तक संस्था के यूटयूब चैनलों पर 17 लाख से अधिक और 11 .4 लाख से अधिक वॉच आॅवर्स दर्ज किया गया है। भारत के गवैया की ओर से भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, भजन, गजल, सूफी गायन, वादन एवं नृत्य प्रस्तुतियों को देश-विदेश में अत्यंत सराहना मिल रही है। भारत के गवैया का मिशन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। संस्था का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोक कलाओं एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। संस्था का संकल्प है कि भारत के उभरते हुए कलाकारों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए और उन्हें वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया जाए। भारत के गवैया के संस्थापक जितेन्द्र कुमार भारतीय शास्त्रीय कला, संगीत एवं कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर समर्पित हैं। उनका मानना है कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर विश्व की अमूल्य निधि है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके नेतृत्व में भारत के गवैया आज हजारों कलाकारों और लाखों दर्शकों को जोड़ते हुए एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। भारत के गवैया परिवार अपनी कार्यकारी निदेशक वीणाश्री व एवेंट डायरेक्टर अरशद उबैद के प्रति विशेष आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने संस्था के मिशन, उद्देश्यों और कलाकारों के प्रचार-प्रसार में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही संस्था की सफलता में योगदान देने वाली रश्मि, आभा सिंह, नमिता झा, विभा सिन्हा, सोनाली भट्टाचार्य, अंजना, जया तथा भारत के गवैया के सभी निदेशकों, कार्यकारिणी सदस्यों, कलाकारों, सहयोगियों, दर्शकों, सब्सक्राइबर्स की अहम भूमिका है। संस्था के संरक्षक एवं निदेशक अंतू तिर्की ने उपरोक्त जानकारी देते हुए कहा कि इन सभी के अथक सहयोग, विश्वास और समर्पण के कारण ही भारत के गवैया आज इस गौरवशाली मुकाम तक पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में बढ़ रहा भारत के गवैया का प्रभाव जिनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम (लंदन), पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (दुबई), कनाडा, आॅस्ट्रेलिया, जर्मनी, सिंगापुर, मलेशिया, मॉरीशस, फ्रांस, जापान, इटली, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग, इंडोनेशिया सहित अनेक देशों से प्राप्त हो रहे हैं। संस्था की सामग्री को बांग्लादेश, नेपाल, सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, स्पेन, थाईलैंड, केन्या, दक्षिण कोरिया, मालदीव, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया, बेल्जियम, युगांडा, फिजी, डेनमार्क, अफगानिस्तान, म्यांमार, फिलीपींस, फिनलैंड, पोलैंड सहित विश्व के अनेक देशों में हजारों दर्शकों द्वारा देखा और सराहा गया है।
