Eksandeshlive Desk
रांची : केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने झारखंड के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग और सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊर्जा और शहरी विकास क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है और भविष्य में भी आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। शुक्रवार को रांची स्थित एक होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने राज्य की विद्युत व्यवस्था और शहरी विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवासन मंत्री सुदिव्य कुमार सहित राज्य सरकार, ऊर्जा मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा करते हुए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। समीक्षा के दौरान पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस), बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की परिचालन एवं वित्तीय स्थिति, भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करने के लिए संसाधनों की उपलब्धता तथा पारेषण अवसंरचना (ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मनोहर लाल ने राज्य में समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों और आपूर्ति लागत एवं औसत राजस्व प्राप्ति (एसीएस-एआरआर) के अंतर के उच्च स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए इन दोनों मानकों में सुधार आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार को ठोस और समयबद्ध कदम उठाने होंगे। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से सरकारी वितरण कंपनियों के ऋण दायित्वों के पुनर्गठन की दिशा में प्रयास तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी विभागों द्वारा लंबित बिजली बिलों के शीघ्र भुगतान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही निर्देश दिया कि सरकारी उपभोक्ताओं और संस्थानों में लगे बिजली मीटरों को 31 अगस्त 2026 तक प्रीपेड मीटरों में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि नियमित भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित उच्च भार वाले सभी उपभोक्ताओं के यहां 31 अगस्त 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके अलावा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के बीच भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने राज्य की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए संसाधनों की पर्याप्तता और पारेषण नेटवर्क के विस्तार की भी समीक्षा की। उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के तहत जनजातीय परिवारों के लिए ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति पर संतोष जताते हुए कार्यों में और तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मनोहर लाल ने राज्य सरकार से इन योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने सरकारी भवनों की छतों पर प्राथमिकता के आधार पर रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की सलाह दी। उनका कहना था कि इससे ग्रिड पर निर्भरता कम होगी और राज्य सरकार के बिजली व्यय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।बैठक के दौरान झारखंड सरकार की ओर से राज्य में चल रही विभिन्न विद्युत एवं शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। राज्य के ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन तथा ऊर्जा क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। समीक्षा बैठक को राज्य के ऊर्जा और शहरी विकास क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग, सौर ऊर्जा विस्तार, वित्तीय सुधार और विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण जैसे निर्णय राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाने में मदद करेंगे।
