सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं: विधायक भूषण बाड़ा

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विधायक भूषण बाड़ा ने मंत्री दीपिका पांडेय से मिलकर सिमडेगा के गांवों को ‘टापू’ बनने से बचाने सहित रखी कई मांगे

AMIT RANJAN

सिमडेगा: सिमडेगा के समग्र विकास और ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने के लिए स्थानीय विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिले की सुदूरवर्ती समस्याओं को लेकर उन्होंने रांची में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय से मुलाकात की। मौके पर जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा भी शामिल थीं। इस दौरान विधायक ने सिमडेगा की भौगोलिक और बुनियादी समस्याओं का एक पूरा खाका मंत्री के सामने रखा। उन्होंने मांग की कि बरसात के दिनों में टापू में तब्दील हो जाने वाले गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर पुल और पक्की सड़कों का निर्माण कराया जाए। मुलाकात के दौरान विधायक भूषण बाड़ा ने सिमडेगा की सबसे दर्दनाक जमीनी हकीकत से मंत्री को रूबरू कराया।

उन्होंने कहा कि सिमडेगा एक आदिवासी बहुल और पहाड़ों-नदियों से घिरा जिला है। मानसून आते ही यहां के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय और मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। उफनते नदी-नालों के कारण ये गांव टापू बन जाते हैं। स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि कोई बीमार पड़ जाए तो उसे खाट पर टांगकर नदी पार करानी पड़ती है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं सिर्फ इसलिए प्रभावित नहीं होनी चाहिए क्योंकि वहां एक अदद पुल या पक्की सड़क नहीं है। विधायक ने ऐसे सभी संवेदनशील और जलमग्न होने वाले इलाकों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की।

सालों से मरम्मत की बाट जोह रही हैं कई सड़कें
सिमडेगा की लाइफलाइन मानी जाने वाली ग्रामीण सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। विधायक ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग की कई सड़कें सालों से मरम्मत की बाट जोह रही हैं। सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने इन जर्जर सड़कों के विशेष सुदृढ़ीकरण और नए सिरे से पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त फंड जारी करने की वकालत की।

नौनिहालों के भविष्य पर संकट, जर्जर स्कूल भवनों का मरम्मत कराएं
शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए भूषण बाड़ा ने मंत्री का ध्यान जिले के उन सरकारी स्कूलों की ओर खींचा, जिनकी छतें कभी भी जमींदोज हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कई विद्यालय भवन इतने पुराने और जर्जर हो चुके हैं कि वहां बच्चों को बैठाना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। विधायक ने मांग की कि जिले के सभी जर्जर स्कूल भवनों का एक त्वरित सर्वे कराया जाए। जर्जर ढांचों को ध्वस्त कर वहां आधुनिक, सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त नए कमरों का निर्माण कराया जाए। ताकि गरीब आदिवासी बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिल सके।

सिमडेगा को मिले योजनाओं का बड़ा हिस्सा
विधायक भूषण बाड़ा ने स्पेशल डिवीजन, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग से मिलने वाली विकास योजनाओं के कोटा में बढ़ोतरी की मांग की। उन्होंने कहा कि सिमडेगा विकास के कई पैमानों पर अभी भी पिछड़ा है। इसलिए इसे राज्य के अन्य जिलों की तुलना में विशेष प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यदि यहां बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछेगा तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।

मंत्री ने दिया आश्वासन, कहा जनहित के मुद्दों पर तुरंत होगी कार्रवाई
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधायक भूषण बाड़ा की सभी मांगों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों से बात कर सिमडेगा की इन समस्याओं पर त्वरित रिपोर्ट तैयार कराने की बात कही। मंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों का विकास है। सिमडेगा के जो गांव बरसात में कट जाते हैं वहां पुल निर्माण की दिशा में जल्द ही सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। विधायक ने सिर्फ विकास ही नहीं बल्कि राजनीति की बिसात पर भी चर्चा हुई। मौके पर मौजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रदेश सह प्रभारी श्रीबेला प्रसाद के साथ संगठन की मजबूती को लेकर विस्तृत बातचीत हुई।

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