रिनपास में क्वियर ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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रांची। रिनपास में क्वियर ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विषय पर आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने क्वियर एवं ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के विभिन्न नैदानिक, सामाजिक एवं अधिकार-आधारित पहलुओं पर प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में पहले दिन हुई चचार्ओं को आगे बढ़ाते हुए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में समावेशिता, संवेदनशीलता व सम्मानजनक दृष्टिकोण को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्र में कोलकाता की डॉ. रंजीता बिस्वास ने एलजीबीटीक्यू समुदाय के वृद्ध व्यक्तियों से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वृद्ध एलजीबीटीक्य व्यक्तियों के लिए आवश्यक सपोर्ट सिस्टम, समलैंगिकता के अपराधमुक्तिकरण , जेंडर-अफर्मेटिव थेरेपी तथा केयर बैंक जैसी सामुदायिक सहायता पहलों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।वहीं, कोलकाता की अरित्रा चटर्जी ने आॅनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया। उन्होंने जेंडर डिस्फोरिया इससे संबंधित मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों तथा जेंडर डिस्फोरिया के आकलन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा संवेदनशील एवं व्यक्ति-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में रिनपास के विभिन्न विभागों के चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ता, शोधार्थी एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में क्वियर एवं ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति ज्ञान, व्यावहारिक कौशल एवं संवेदनशीलता का विकास करना है। े।

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