रांची: सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग (भारत सरकार) तथा महिला,बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग (झारखंड सरकार) के संयुक्त सौजन्य से संचालित स्वावलंबन संस्था द्वारा रांची रेलवे स्टेशन को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। संस्था की स्माइल टीम ने रांची रेलवे स्टेशन को प्राथमिकता के आधार पर चुनकर शनिवार (एक अगस्त) की देर रात ग्यारह बजे एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया। रांची रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर सतीश कुमार सिंह एवं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार के निर्देश पर एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया। इस टीम का सफल नेतृत्व RPF के एएसआई कमल कुमार दास ने किया। अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर से कुल 14 भिक्षुकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्माइल आश्रय गृह पहुँचाया गया। आश्रय गृह में सभी भिक्षुकों की काउंसलिंग कर उनके भिक्षावृत्ति में आने के कारणों,पारिवारिक स्थिति और गृह पता का पता लगाया जा रहा है,ताकि उनका सही ढंग से पुनर्वास और सहायता की जा सके। रेस्क्यू किए गए लोगों में मुख्य रूप से रानी कुमारी (20 वर्ष-मानसिक रूप से अस्वस्थ),मुनिया देवी (45 वर्ष),लक्ष्मी देवी (60 वर्ष),विनीता देवी (64 वर्ष),सरदा देवी (60 वर्ष),मुटुक देवी (65 वर्ष),तितो देवी (60 वर्ष),बसंती कुमारी (50 वर्ष), फूलकुवर (67 वर्ष),तारामुन्नी देवी (70 वर्ष),शिव कुमारी (70 वर्ष),रजिया खातून (45 वर्ष) और पूनम देवी (57 वर्ष) शामिल हैं। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में आरपीएफ और स्वावलंबन संस्था की टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में एएसआई कमल दास,एएसआई पीआर प्रजापति,लेडी कांस्टेबल शशि कुमारी,कांस्टेबल बीएल मीणा,कांस्टेबल अनुप सिंह के साथ-साथ स्माइल प्रबंधक शारदा प्रसाद,परामर्शदात्री सुषमा सिंहा,केयरटेकर उषा कुमारी,रेखा कुमारी,किशोर दास,देवनारायण लोहारा एवं विजय उरांव मुख्य रूप से उपस्थित थे।
