इस प्रकार की प्रदर्शनी बच्चों में जिज्ञासा, प्रयोगधर्मिता, तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है: राजेश प्रसाद
Eksandeshlive Desk
रांची: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड एवं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का आयोजन सोमवार को अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, रांची में किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य विषय “विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (STEM)” रहा।
द्वीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजेश प्रसाद, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, झारखंड, रांची ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि नीलम आईलीन टोप्पो, क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची, एन.सी.ई.आर.टी. के प्रतिनिधि प्रो. रामावतार मीना, मो. वसीम अहमद, जिला शिक्षा पदाधिकारी, रांची सह राज्य नोडल पदाधिकारी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, झारखंड सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारीगण, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी में राज्य के विभिन्न जिलों के लगभग 60 सरकारी व निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित के क्षेत्र में अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता एवं नवाचार का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों एवं परियोजनाओं का अतिथियों एवं निर्णायक मंडल द्वारा अवलोकन एवं मूल्यांकन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का उपयोग करने तथा नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी अमृता सिंह, रांची, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश, रांची एवं जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, रांची, एन. सी. ई. आर. टी. के प्रतिनिधि प्रो. रामावतार मीना, मो. वसीम अहमद, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह राज्य नोडल पदाधिकारी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, झारखंड सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी के उपरांत चयनित प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रदर्शनी के विभिन्न उप विषयों में प्रथम स्थान लाने वाले प्रतिभागियों में रोशन प्रसाद कुशवाहा, कस्तुभ कुमार, आयुष मेहता, अल्तमश राजा, जेली रानी, सृष्टि कुमारी, वंश कुमार, राजेश कुमार, संगीता कुमारी एवं छकान देव प्रजापति शामिल हैं, द्वितीय स्थान लाने वाले प्रतिभागियों में सुमित कुमार, गोविंदा कुमार, आरती कुमारी, बजरंग भुइन्या, नेहा कुमारी, विवेक साहु विशाल बारा शामिल हैं जबकि तृतीय स्थान आर्यन राज, रोनित राज, पिंशु कुमार, ज्योति कुमारी, अजय कुमार, विकी ठाकुर ने प्राप्त किया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ‘इस प्रकार की प्रदर्शनी बच्चों में जिज्ञासा, प्रयोगधर्मिता, तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वैज्ञानिक प्रयोग करके बच्चे प्रैक्टिकली सीखने में सक्षम होते हैं। इस तरह के प्रयोग से ही ये आगे चलकर आविष्कारक बनेंगे।’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने वैज्ञानिक सोच और नवाचार के प्रति उनके उत्साह को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम मो. वसीम अहमद, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह राज्य नोडल पदाधिकारी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, झारखंड के देखरेख में संपन्न हुई जिसमें कार्यक्रम समन्वयक डॉ. दिलीप रवानी, मंच संचालन कविता महतो एवं जया कुमारी, व्यवस्थापक के रूप में राजेश कुमार साहू, कार्तिक भगत, अभिषेक कुमार सिंह एवं पवन कुमार पाढ़ी रहे। मूल्यांकनकर्ता के रूप में मदन मोहन तिवारी(पी.जी.टी.), सुनीता सिंह (पी.जी.टी.), पूनम कुमारी (पी.जी.टी.) एवं पंकज कुमार (पी.जी.टी.) और रब्बानी अंसारी कार्यक्रम के मीडिया समन्यवयक की भूमिका में रहे। इनके अलावा, परमेश्वर महतो, यास्मीन ग्लेरिया, मंजुला एक्का, शंकर झा, अनिल कुमार सिंह, रबिन्द्र कुमार, राकेश कुमार सिन्हा, अपूर्व विशाल तीर्की, प्रीति वसुंधरा, प्रीति कुमारी, अंकित उरांव, अंशिका कुमारी, जीतेन्द्र सिंह, निर्मल महतो, रोहित कुमार महतो, समीर शीतल मिंज, सुप्रिया दास, सुमीत कुमार, विवेक उपाध्याय एवं सुमित कच्छप की कार्यक्रम को सफल बनाने में क्रिन्यावयन समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भागीदारी रही।
