सांसद की अनुशंसा के बावजूद भरही पंचायत में विकास कार्य ठप, दो माह से फाइलों में अटकी योजनाएं

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ग्रामसभा के प्रस्ताव पर सांसद ने डीएमएफटी मद से पीसीसी सड़क व पुलिया निर्माण की उपायुक्त से की थी अनुशंसा, अब तक धरातल पर नहीं दिखी कार्रवाई

अजय राज
प्रतापपुर (चतरा):
पंचायती राज व्यवस्था को लेकर एक प्रचलित बात कही जाती है कि “न लोकसभा न विधानसभा, सबसे बड़ा ग्राम सभा” लेकिन शायद यह बात प्रतापपुर प्रखंड में ठीक नहीं बैठती नज़र आती है।। जहां ग्राम सभा से पारित योजनाओं पर भी जिला प्रशासन की सहमति मिलने का आम जनता महीनों वाट जोहते है, और तो और जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के बावजूद यदि विकास योजनाएं महीनों तक धरातल पर नहीं उतरें, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली क्या है। ऐसा ही मामला प्रतापपुर प्रखंड की भरही पंचायत से सामने आया है, जहां ग्रामसभा से पारित विकास योजनाओं के लिए चतरा सांसद कालीचरण सिंह द्वारा उपायुक्त, चतरा से डीएमएफटी मद से कार्य कराने की अनुशंसा किए जाने के बावजूद करीब दो महीने बीतने को हैं, लेकिन अब तक योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट सुगबुगाहट नजर नहीं आ रही है।
दरअसल, भरही पंचायत के मुखिया द्वारा ग्रामसभा के माध्यम से क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर सांसद के समक्ष रखा गया था। इसके बाद सांसद काली चरण सिंह ने 29 जून 2026 को पत्र संख्या 494 के माध्यम से उपायुक्त, चतरा को पत्र भेजकर संबंधित योजनाओं को डीएमएफटी मद से स्वीकृति प्रदान कर क्रियान्वयन की कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
सांसद के पत्र में भरही पंचायत के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख किया गया है। इनमें “केवलिया गांव में मदरसा के पास पुलिया निर्माण”, “जोलहबीगहा में संजय यादव के घर से कृष्णा यादव के घर तक पीसीसी पथ निर्माण” तथा “भरही गांव में मकबुल खान के घर से जाफरडीह पुल तक पीसीसी पथ” निर्माण शामिल हैं। सांसद की ओर से उपायुक्त को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से इन योजनाओं को डीएमएफटी मद से स्वीकृति प्रदान कर अविलंब क्रियान्वयन की कार्रवाई हेतु निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है। बावजूद इसके, अब तक ग्रामीणों को निर्माण कार्य शुरू होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।

ग्रामसभा से प्रस्ताव, सांसद की अनुशंसा… फिर भी काम का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि योजनाएं किसी व्यक्तिगत मांग के आधार पर नहीं, बल्कि ग्रामसभा के माध्यम से प्रस्तावित की गई हैं। इसके बाद सांसद स्तर से भी इसकी अनुशंसा की जा चुकी है। ऐसे में करीब दो महीने का समय गुजरने के बाद भी योजनाओं पर कार्रवाई नहीं होना ग्रामीणों के लिए निराशाजनक है। विशेषकर सड़क और पुलिया निर्माण जैसी योजनाओं का सीधा संबंध ग्रामीणों के आवागमन से है। बरसात के मौसम में खराब रास्तों और पुलिया की समस्या के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन योजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन होता है तो बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

योजनाओं में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश और नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब मुखिया जी के द्वारा ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित करवाकर, पंचायत स्तर से मांग रखी गई और सांसद ने स्वयं उपायुक्त को पत्र भेजकर डीएमएफटी मद से योजनाओं को स्वीकृति देने और कार्यान्वयन की अनुशंसा की, तो फिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सांसद की अनुशंसा और ग्रामसभा के प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित योजनाओं की प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कराया जाए, ताकि बरसात के बीच ग्रामीणों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके। अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं कि सांसद की अनुशंसा के बाद इन योजनाओं पर कब तक कार्रवाई शुरू होती है और भरही पंचायत के ग्रामीणों को विकास कार्यों का लाभ कब मिलता है।

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