रांची: नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग संस्थान चलाने वालों पर रांची नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। भवन के स्वीकृत उपयोग, जरूरी अनुमति व अग्नि सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर निगम ने चार कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया है। सभी को नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर संचालन बंद करने व आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नगर निगम की टीम ने स्थल निरीक्षण के दौरान पाया कि संबंधित संस्थानों में भवन के स्वीकृत उपयोग व निर्धारित मानकों के अनुरूप जरूरी अनुमतियों के बिना व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। निरीक्षण में स्वीकृत भवन प्लान व अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) सहित आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं हो सकी। इसे झारखंड भवन उपविधि, 2016 के प्रावधानों के अनुपालन से जुड़ा मामला मानते हुए नोटिस जारी किया गया है
इन चार संस्थानों को मिला नोटिस
द कैपिटल सिविल सर्विसेज: तीसरी मंजिल, आनंद कॉम्प्लेक्स, लालपुर
विजय स्टडी सर्कल: शांति भवन, अल्बर्ट एक्का चौक
काशवी आईएएस: दूसरी मंजिल, सहाय टावर, कचहरी चौक
एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज कोचिंग: डॉ. एसएन यादव क्लिनिक के पास, करमटोली
दस्तावेज नहीं दिए तो होगी सीलिंग की कार्रवाई
नगर निगम ने संबंधित संस्थानों को 24 घंटे के भीतर संचालन बंद करने के साथ स्वीकृत भवन प्लान, फायर एनओसी व अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। तय समय में निदेर्शों का पालन नहीं होने पर भवन सील किए जा सकते हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 व झारखंड भवन उपविधि, 2016 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला
निगम ने कार्रवाई के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील संख्या 14605/2024 में 17 दिसंबर 2024 को पारित आदेश के कंडिका 20 का हवाला दिया है। इसमें स्वीकृत भवन प्लान का उल्लंघन कर या बिना स्वीकृत प्लान के किए गए निर्माण को प्रोत्साहित नहीं करने व निर्माण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है। निगम का कहना है कि भवन संबंधी नियमों व अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर कोचिंग संस्थानों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा प्रावधानों का पालन जरूरी है। अब संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत कर नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
