By Mustaffa
मेसरा (रांची): भगवान बिरसा जैविक उद्यान,ओरमांझी के नाम एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। उद्यान में पहली बार स्पेक्टेकल्ड कोबरा (नाग साँप) के अंडों का सफलतापूर्वक कृत्रिम ऊष्मायन कराया गया है। लगभग 70 दिनों तक नियंत्रित तापमान और आर्द्रता में वैज्ञानिक मानकों के तहत की गई इस प्रक्रिया के बाद 5 स्वस्थ नाग के बच्चों का जन्म हुआ है। इसके साथ ही उद्यान में सैंड बोआ प्रजाति के भी 8 स्वस्थ शिशुओं का सफल जन्म हुआ है। यह पूरी प्रक्रिया उद्यान के जू बायोलॉजिस्ट सह हरपेटोलॉजिस्ट विवेकानंद कुमार के मार्गदर्शन में पूरी की गई। जैविक उद्यान के निदेशक जब्बर सिंह ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए इसे वैज्ञानिक प्रबंधन और समर्पित टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण बताया। वर्तमान में सभी नवजात साँपों को पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश साहू और विशेषज्ञों की सतत देखरेख में सुरक्षित रखा गया है,जहाँ उनके स्वास्थ्य और व्यवहार का नियमित वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है।
