Eksandeshlive Desk
पलामू: जिले के चैनपुर की नाबालिग हत्या के 10 महीने हो गए, लेकिन अब तक यह मामला अनसुलझा है। मामले में पुलिस ने जांच का दायरा को और बढ़ाते हुए मामले में 14 संदिग्धों के डीएनए नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है। वहीं, दो संदिग्ध आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की भी तैयारी है। इस कार्रवाई से लंबे समय से उलझे मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद जगी है। सदर एसडीपीओ राजेश यादव के अनुसार वारदात से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इससे पहले भी मामले में 19 लोगों की डीएनए जांच कराई जा चुकी है। अब नए नमूनों की जांच और दो संदिग्धों के लाई डिटेक्टर टेस्ट के जरिए पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, डीएनए जांच और लाई डिटेक्टर टेस्ट के नतीजे सामने आने के बाद ही उनकी वास्तविक उपयोगिता स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस ने किसी संदिग्ध की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। यह मामला 7 नवंबर 2025 का है, जब चैनपुर थाना क्षेत्र से नाबालिग लापता हो गई थी। दो दिन बाद, नौ नवंबर को उसका शव घर से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में मामला हत्या और दुष्कर्म से जुड़ा माना गया। बाद में पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट के आधार पर वारदात की गंभीरता सामने आई और इसे निर्भया कांड जैसी जघन्य घटना के रूप में देखा गया। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अनुसंधान जारी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
