ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु 30 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान

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स्कूल रुआर 2026 (बैक टू स्कूल) अभियान को लेकर टाउन हॉल में कार्यशाला संपन्न

Eksandeshlive Desk

मेदिनीनगर (पलामू): जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत द्वारा “स्कूल रुआर 2026” अभियान का शुभारंभ किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति भवन, मेदिनीनगर में आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपायुक्त शेखावत ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह अभियान ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु चलाया जा रहा है जो आगामी 30 अप्रैल तक चलेगा। उन्होंने कहा कि बचपन में शिक्षा की अनदेखी केवल एक बच्चे का नुकसान नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की क्षति है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए। उन्होने कहा कि इसे सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि अपना एक नैतिक जिम्मेवारी समझे। उन्होंने कहा कि बच्चों का एनरोलमेंट कैसे बढ़ाया जाये और जो बच्चे किसी कारण स्कूल छोड़ें हैं, उन्हें कैसे वापस लाया जाये इस विषय पर समीक्षा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल से जोड़ने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन या अभिभावकों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स से इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की बात कही। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभायें। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास केवल सड़क और भवन निर्माण से नहीं, बल्कि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के सुदृढ़ीकरण से संभव है।

जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि नये शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विशेष नामांकन अभियान चलाया जायेगा, जिसके तहत गांव-स्तर पर सर्वे कर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान की जायेगी. कार्यक्रम के अंत में पोषण पखवारा के तहत सभी को शपथ दिलायी गयी और स्वस्थ व शिक्षित समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।

आंगनवाड़ी से स्कूल तक का सफर

अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों के शत-प्रतिशत पारगमन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उनकी बुनियादी शिक्षा सुचारू रूप से प्राथमिक विद्यालयों में शुरू हो सके। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि कक्षा 1 से 11वीं तक के प्रत्येक बच्चे का अगली कक्षा में नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यू-डाइस के ड्रॉप बॉक्स में मौजूद बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल के डाटा सिस्टम से जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गयी है। कार्यशाला में पीपीटी के माध्यम से किस स्तर से क्या-क्या किया जाना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गयी। इस अवसर पर अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविका समेत अन्य उपस्थित रहे।

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