हमास के हथियार छोड़ने की सहमति के बीच गाजा पट्टी पर आईडीएफ का हमला, तीन फिलिस्तीनी मारे गए, इजराइली समूहों का वेस्ट बैंक के गांवों में धावा

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Eksandeshlive Desk

गाजा सिटी/रामल्लाह/वाशिंगटन : हमास के हथियार छोड़ने की सहमति के बावजूद गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में स्थिति तनाव पूर्ण है। गाजा पट्टी में इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के ताजा हमले में तीन फिलिस्तीनी मारे गए हैं। मृतकों में दो बच्चे शामिल हैं। समूचे वेस्ट बैंक में दहशत है। यहां इजराइली कब्जे वाले क्षेत्र में इजराइली सेना के संरक्षण में लोग गांवों में धावा बोल रहे हैं। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने दावा किया है कि इजराइली सेना विरोध कर रहे निर्दोष लोगों पर आंसू गैस के गोले दाग रही है। द फिलिस्तीन क्रॉनिकल और कुद्स न्यूज नेटवर्क की एक्स पर जारी सचित्र रिपोर्ट के अनुसार, गाजा पट्टी पर रातभर इजराइली हमले हुए हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों में दक्षिणी गाजा में तीन फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में राजधानी गाजा सिटी और खान यूनिस में भी आम नागरिक घायल हुए है। गाजा के अधिकारियों का कहना है कि 11 अक्टूबर, 2025 से इजराइल के हमले में अब तक 1,209 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।

इजराइली हमलों की शृंखला में गाजा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73,335 हुई : अधिकारियों के अनुसार, मध्य गाजा शहर में अल-बुरेज नगर पालिका के सामने एक रिहायशी अपार्टमेंट पर इजराइली हमले में जैद मोहम्मद नौफल नामक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा पश्चिमी खान यूनिस में कॉलेज क्षेत्र के पास एक टेंट पर इजराइली बमबारी में 20 वर्षीय अब्दुल्ला नासेर अल-बलावी और आठ वर्षीय रतील महमूद अब्दुल्ला मारे गए। इसके अलावा इजराइली लड़ाकू विमानों ने गाजा शहर के पश्चिम में अलशाती शरणार्थी शिविर पर भी हमले किए। अधिकारियों ने कहा कि इजराइली विमानों ने अल-अहली बैपटिस्ट अस्पताल के सामने अल-अलामी कमर्शियल बिल्डिंग के एक अपार्टमेंट को निशाना बनाया। इससे वहां भीषण आग लग गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इजराइली हमलों की शृंखला में गाजा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73,335 हो गई है। 174,052 अन्य लोग घायल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 11 अक्टूबर, 2025 को युद्धविराम समझौता लागू होने के बाद से इज़राइली सेना ने गाज़ा पट्टी में 1,209 फ़िलिस्तीनियों को मार डाला है और 3,943 लोगों को घायल किया है। बचाव दलों ने उन इलाकों से 803 फिलिस्तीनियों के शव बरामद किए हैं, जहां लड़ाई के कारण पहले पहुंचा नहीं जा सकता था। स्वास्थ्य अधिकारियों और मानवीय संगठनों का दावा है कि गाजा पट्टी का लगभग 90 प्रतिशत बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है। इन हमलों के कारण लगभग 20 लाख फिलिस्तीनी विस्थापित हुए हैं। इस बीच वेस्ट बैंक में हालात बिगड़ गए हैं। यहां पर जबरिया काबिज इजराइली समूहों ने गांवों में धावा बोल दिया है। इन लोगों को इजराइली सेना का संरक्षण प्राप्त है। इन लोगों ने वेस्ट बैंक के उत्तर में स्थित नाब्लस शहर के पश्चिमी बाहरी इलाकों फिलिस्तीनियों पर घरों पर हमला किया है। नाब्लस के पश्चिम में स्थित अल-जुनेद गांव में इजराइली सेना ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। इन गोलों की चपेट में चार बच्चे भी आए हैं। इजराइली सैनिकों ने टेल गांव में छापा मारा है। नाब्लस के दक्षिण में स्थित बुरिन गांव में इजराइली हथियारबंद समूहों ने जैतून के पेड़ों में आग लगा दी है। महत्वपूर्ण है कि गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक दोनों फिलिस्तीनी क्षेत्र हैं, मगर दोनों में भिन्नता है। गाजा पट्टी भूमध्य सागर के पास छोटा, तटीय और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। वेस्ट बैंक बड़ा इलाका है। गाजा पट्टी लगभग 41 किलोमीटर लंबा तटीय क्षेत्र है। इसकी सीमा पश्चिम में भूमध्य सागर, दक्षिण-पश्चिम में मिस्र, उत्तर व पूर्व में इजराइल से लगती है। वेस्ट बैंक जॉर्डन नदी के पश्चिमी तट पर स्थित भूमि से घिरा बड़ा क्षेत्र है। इसकी पूर्व सीमा जॉर्डन और मृत सागर से तथा शेष दिशाओं की सीमा इजराइल से लगती है। गाजा पट्टी पर 2007 से हमास का राजनीतिक और प्रशासनिक नियंत्रण रहा है। वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण का शासन है और यहां इजराइली बस्तियां भी मौजूद हैं।

हमास और अन्य सशस्त्र समूह गाजा पट्टी में हथियार छोड़ने को तैयार, ट्रंप ने की समझौते की पुष्टि : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि गाजा पट्टी में मौजूद हमास और अन्य आतंकी समूह हथियार छोड़ने पर सहमत हो गए हैं। इन सबके साथ एक समझौता हुआ है। जैसे-जैसे यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इजराइली सैन्य बल चरणबद्ध तरीके से वहां से हटेंगे। यह समझौता शांति निकाय (शांति बोर्ड/बोर्ड ऑफ पीस) के साथ हुआ है। ट्रंप इस निकाय के अध्यक्ष हैं। इस समझौते को गाजा पट्टी को हथियार और सैन्य मुक्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति ने इस समझौते तक पहुंचने में मदद के लिए मिस्र, कतर और तुर्किये का आभार जताया है। अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता ट्रंप की 20 सूत्री गाजा शांति योजना को लागू करने में बड़ी सफलता होगी। दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हमास समझौते की सभी शर्तों पर सहमत हो गया है, लेकिन इजराइली अधिकारियों और पश्चिमी राजनयिकों को अभी भी संदेह है कि आतंकी समूह हमास अपने वादों का पालन करेगा। ट्रंप ने गुरुवार शाम अपने ट्रुथ सोशल पर कहा, “आज, ‘बोर्ड ऑफ पीस हमास और गाजा में अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ने) के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर पहुंचा है। यह स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।” महत्वपूर्ण यह है कि ट्रंप के शांति निकाय, मिस्र, कतर और तुर्किये के मध्यस्थों ने गाजा पट्टी को सैन्य मुक्त करने और स्थानीय प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति को अधिकार सौंपने पर हमास के साथ बातचीत में कई महीने बिताए हैं। इस समझौते से इजराइल नाखुश दिख रहा है। उसे कतर और तुर्किये पर संदेह है। इजराइल ने दोनों पर हमास की राजनीतिक भूमिका बनाए रखने में मदद करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत हमास को छह से आठ महीनों में भारी और हल्के हथियार हटाने होंगे और अपने सुरंग नेटवर्क, हथियार बनाने की जगहों और हथियारों के गोदामों के नक्शे देने होंगे। हथियारों को राष्ट्रीय समिति के नियंत्रण में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इजराइल की शिन बेट सिक्योरिटी सर्विस से मंजूरी पाने वाली नई फिलिस्तीनी पुलिस फोर्स को राष्ट्रीय समिति के नियंत्रण वाले इलाकों में प्रशिक्षण देने के बाद तैनात किया जाएगा। इस समझौते की खास बात यह है कि हमास विरोधी मिलिशिया गुटों से भी हथियार वापस लिए जाएंगे। हमास के लड़ाकों को माफी मिलेगी और उन्हें गाजा में रहने की इजाजत होगी। इस वार्ता से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि कतर, तुर्किये और खासकर मिस्र ने समझौते पर दस्तखत करने के लिए हमास पर जबरदस्त दबाव डाला है। मिस्र के खुफिया प्रमुख हसन रशाद ने इसमें अहम भूमिका निभाई। हमास की राजनीतिक शाखा के नए नेता खलील अल-हय्या के साथ उनके करीबी रिश्ते हैं।

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