रांची। संत जेवियर्स कॉलेज के इतिहास विभाग के तत्वावधान में मंगलवार कोदारा शिकोह का ऐतिहासिक अध्ययन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य मुगल काल के महत्वपूर्ण राजकुमार दारा शिकोह के व्यक्तित्व, उनकी नीतियों, विचारधारा तथा भारतीय संस्कृति और सभ्यता के प्रति उनके दृष्टिकोण का ऐतिहासिक एवं समकालीन संदर्भों में अध्ययन करना था। मौके पर संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि इतिहास हमें केवल अतीत की जानकारी नही देता , बल्कि वर्तमान व भविष्य को संवारने सिखाती है । डॉ. अमित रंजन ने दारा शिकोह के जीवन और विचारों पर आधारित पुस्तक दारा शिकोह फकीर एंड थ्रोण आॅफ थ्रोंस की रचना भी की है। अपने व्याख्यान में उन्होंने दारा शिकोह के व्यक्तित्व, उनकी नीतियों तथा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दारा शिकोह की विचारधारा में निहित सहिष्णुता, सांस्कृतिक समन्वय, संवाद और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच सामंजस्य की भावना आज के आधुनिक समाज में भी अत्यंत प्रासंगिक है। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने विषय का परिचय देते हुए मुगल शासकों की विभिन्न नीतियों और उनके ऐतिहासिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दारा शिकोह के विचारों और उनके समय की सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों को समझने की आवश्यकता पर भी बल दिया। सेमिनार के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन डॉ. अंजू टोप्पो ने किया। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने दारा शिकोह के व्यक्तित्व, उनकी नीतियों, धार्मिक दृष्टिकोण तथा समकालीन प्रासंगिकता से जुड़े विभिन्न प्रश्न मुख्य वक्ता के समक्ष रखे। डॉ. अमित रंजन ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विषय के विभिन्न ऐतिहासिक पक्षों को स्पष्ट किया।
