जावा सागर में लापता जहाज से बचाए गए 103 यात्रियों में से एक की मौत, 140 यात्री अभी भी गायब

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Eksandeshlive Desk

जकार्ता (इंडोनेशिया): इंडोनेशिया के बंजरमासिन सर्च एंड रेस्क्यू (बचाव और खोज दल) ने जावा सागर में लापता जहाज (वर्जिनो ट्रांसपोर्ट 8) के 103 यात्रियों को रविवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें में से एक की मौत हो गई। दल अभी 140 यात्रियों की खोज रहा है। वर्जिनो ट्रांसपोर्ट 8 का रविवार तड़के संपर्क टूटने के बाद बचाव और खोज अभियान शुरू किया गया है। इस जहाज पर कुल 243 लोग सवार थे। अंतारा की रिपोर्ट के अनुसार बंजरमासिन सर्च एंड रेस्क्यू कार्यालय के प्रमुख आई पुतु सुदायाना ने बताया कि संकट की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद तीन वाणिज्यिक जहाजों ने इन लोगों का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित बचाया। रविवार को संवाददाता सम्मेलन में सुदायाना ने कहा, “मध्य इंडोनेशिया समय (जीएमटी+8) के अनुसार दोपहर 12 बजे तक कुल 103 यात्रियों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया।” उन्होंने बताया कि बचाव और खोज अभियान में टीबी मौहाव 9 (एमटी मौहाउ), टीबी टी-सी-पी और एमवी हाईडा जहाज की टीमें लगी हुई हैं। इस समय 140 लापता लोगों की तलाश की जा रही है। तीन वाणिज्यिक जहाजों के अलावा बचाव अभियान में केएन एसएआर लक्ष्मण, इंडोनेशियाई युद्धपोत केआरआई नाला और नेविगेशन जहाज केएम कुनियित को भी शामिल किया गया है।

बताया गया है कि खराब मौसम के बाद वर्जिनो ट्रांसपोर्ट 8 का स्थानीय समय (जीएमटी+8) के अनुसार सुबह करीब 2 बजे संपर्क टूट गया था। यह जहाज 12 सितंबर को पूर्वी जावा के सुराबाया से रवाना हुआ था और बंजरमासिन की ओर जा रहा था। द कोरिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार बंजरमासिन सर्च एंड रेस्क्यू कार्यालय के प्रमुख आई पुतु सुदायाना ने कहा कि जहाज के कप्तान ने संकट का संदेश भेजने से पहले समुद्र में खराब हालात और 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची लहरों की सूचना दी थी और कहा था कि जहाज एक तरफ झुक रहा है। खोज और बचाव कार्यालय के प्रमुख सुदायाना ने बताया कि बाद में अधिकारियों को जानकारी मिली कि जहाज पलट गया है। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार 17,000 द्वीपों वाला देश इंडोनेशिया परिवहन के मुख्य साधन के रूप में फेरी पर बहुत ज्यादा निर्भर है। इसकी वजह यह है कि इंडोनेशिया में हवाई यात्रा की तुलना में समुद्री रास्ते सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि सुरक्षा मानकों का हमेशा सख्ती से पालन नहीं किया जाता है, जिसके कारण दुर्घटनाओं की दर अपेक्षाकृत ज्यादा है।

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