Eksandeshlive Desk
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव और जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के आदेश को उन्होंने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। हालांकि, याचिका पर सुनवाई की तिथि अभी निर्धारित नहीं हुई है। एल. खियांग्ते की जमानत याचिका अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने खारिज कर दी थी।
निचली अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और छापेमारी में भी उनके विरुद्ध कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। वहीं, अपराध जाच विभाग (सीआईडी) ने आरोप लगाया था कि परीक्षा आयोजन का काम टीडीपीएल को सौंपने में एल. खियांग्ते की भूमिका रही। जांच एजेंसी के अनुसार, टीडीपीएल की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी और इसकी जानकारी एल. खियांग्ते को थी, इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। जांच में एल. खियांग्ते पर टीडीपीएल से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये कमीशन लेने का भी आरोप लगाया गया है। उनकी ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार और अधिवक्ता चंदना कुमारी ने निचली अदालत में पक्ष रखा था।
