केदल में अकीदत व सौहार्द के साथ संपन्न हुआ मोहर्रम, अखाड़े में जांबाजों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

Ek Sandesh Live
N EWS BY MUSTFFA


पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने लाठी खेलकर किया अखाड़े का शुभारंभ, हजारों लोगों ने देखा पारंपरिक प्रदर्शन


मेसरा (रांची): बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र के केदल में रविवार को मोहर्रम का पर्व श्रद्धा, अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न हुआ। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में केदल ईमामबाड़ा से भव्य जुलूस निकाला गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-ताशों और “या हुसैन” के नारों के बीच निकला जुलूस गेतलातू, होम्बई गांव और एनएच मार्ग से होते हुए मुख्य पड़ाव बीआईटी मोड़ (बाजार टांड़) पहुंचा। पूरे आयोजन के दौरान थाना प्रभारी अजय कुमार दास के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
बीआईटी मोड़ पहुंचने पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामटहल चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रमुख प्रेमचंद महतो का मोहर्रम कमेटी ने बुके और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। मंच पर जिला परिषद सदस्य संजय कुमार महतो, प्रखंड प्रमुख सोमनाथ मुंडा, मुखिया राहुल मुंडा, पंचायत समिति सदस्य लीलावती देवी, थाना प्रभारी अजय कुमार दास, मनन विद्या के अध्यक्ष मनरखन महतो, समाजसेवी संतोष महतो, मेसरा हॉस्पिटल के डायरेक्टर जावेद अख्तर, चुनीलाल महतो और झब्बुलाल महतो सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे, जिन्हें सम्मानित किया गया।
पगड़ी रस्म के बाद पूर्व सांसद रामटहल चौधरी और पूर्व प्रमुख प्रेमचंद महतो ने स्वयं लाठी थामकर पारंपरिक लाठी खेल के साथ अखाड़े का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद खिलाड़ियों ने लाठी, डंडा, क्रीच, भाला, चाकू और तलवारबाजी के रोमांचक एवं हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर हजारों की भीड़ ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि मोहर्रम त्याग, समर्पण और सत्य व न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है। सभी समुदायों ने मिलकर इसे मनाकर सामाजिक सद्भाव और साझा संस्कृति की मिसाल पेश की है।
पूर्व प्रमुख प्रेमचंद महतो ने कहा कि आपसी भाईचारा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आयोजन के लिए मोहर्रम कमेटी को बधाई दी। वहीं थाना प्रभारी अजय कुमार दास ने सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए ग्रामीणों एवं कमेटी के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष शमीम आलम ने कहा कि पूर्वजों की इस पारंपरिक विरासत को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ आगे बढ़ाना ही कमेटी का उद्देश्य है।
आयोजन को सफल बनाने में कमेटी के उपाध्यक्ष जासीम उर्फ छोटू, सचिव फैयाज अली, उप सचिव इश्तियाक अंसारी, कोषाध्यक्ष असलम अंसारी, खलीफा समाउद्दीन अंसारी, कप्तान परवेज खान, महमुद अंसारी, मतुल, नामुल, तस्लीम, उमरसफूज, रेयाज अंसारी, इसराइल अंसारी, तौकिर अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही।

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