Eksandeshlive Desk
कोलकाता: महासप्तमी की शाम कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने भीषण त्रासदी का रूप ले लिया। इस हादसे में रविवार सुबह तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 25 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। राज्य सरकार ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा में लापरवाही के संदेह में पूजा समिति के आयोजकों और स्वयंसेवकों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय के साथ कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सप्तमी की शाम अचानक तेज बारिश शुरू होने और बाहर भारी ट्रैफिक जाम के कारण सैकड़ों दर्शनार्थियों ने एक साथ पंडाल के अंदर घुसने का प्रयास किया। इसी दौरान अंदर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलते ही दमकल, कोलकाता पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान मृतकों का आंकड़ा 18 तक पहुंच गया।
मुख्यमंत्री ने कहा- किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के गठन की अपील करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रविवार को उच्च न्यायालय से इस त्रासदी की न्यायिक जांच का औपचारिक अनुरोध किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और राज्य सरकार उनके चुने हुए किसी भी निजी अस्पताल में मुफ्त इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की जा रही है और लापरवाही बरतने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस त्रासदी के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति भी सवालों के घेरे में आ गई है। कोलकाता मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान जूनियर डॉक्टरों के एक वर्ग ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर जमकर क्षोभ व्यक्त किया। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि इतने बड़े और प्रमुख मेडिकल कॉलेज में कोई आपातकालीन ट्रोमा केयर सेंटर ही नहीं है और न्यूरो सर्जरी विभाग की हालत भी बेहद खराब है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के उस कदम पर भी कड़ी आपत्ति जताई जिसमें 7-8 गंभीर मरीजों को आनन-फानन में निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने अंदेशा जताया है कि ज्यादातर मौतें भीड़ के दबाव में दम घुटने के कारण हुई हैं। इस हृदयविदारक घटना पर पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने घटना के लिए प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष के इन हमलों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवेदनशील समय में राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने विरोधियों को निशाने पर लेते हुए पिछले साल पूजा के दौरान करंट लगने से हुई 13 मौतों और दार्जिलिंग में अचानक आई बाढ़ की त्रासदियों का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार की प्राथमिकता फिलहाल घायलों का इलाज और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
बाद सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल के लिए विशेष टीम गठित: उत्तर कोलकाता के चोरबागान में दुर्गापूजा मंडप में हुए भीषण हादसे के बाद राज्य प्रशासन ने शहर के अन्य बड़े पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार रात ही कोलकाता के प्रमुख दुर्गापूजा पंडालों की व्यवस्थाओं की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पूजा समितियों को आवश्यक कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की भी घोषणा की है। इसमें एसटीएफ, सीआईडी सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। निरीक्षण दल में राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव राजेश सिंह, अग्निशमन विभाग के महानिदेशक अनुज शर्मा और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम शामिल होंगे। कोलकाता पुलिस इस टीम को आवश्यक सहयोग देगी, जबकि राज्य के पुलिस महानिदेशक निरीक्षण कार्य का मार्गदर्शन करेंगे। पंडालों का निरीक्षण करने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निरीक्षण दल की सिफारिशों का पालन करना अनिवार्य होगा। कहा कि यदि किसी पंडाल की संरचना कमजोर है और उसमें बदलाव करने से उसके क्षतिग्रस्त होने या गिरने का खतरा है, तो वहां केवल पुरोहितों के जरिए पूजा और संकल्प कराया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए बाहर एलईडी स्क्रीन लगाकर पंडाल के भीतर के कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा सकता है। शनिवार रात हादसे की सूचना के बाद मुख्यमंत्री कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों को भर्ती कराया गया था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन संग आपात बैठक कर घायलों के उपचार की व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद देर रात वह चोरबागान स्थित घटनास्थल पर भी पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि गठित टीम शहर के प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी। पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा और जरूरत पड़ने पर पूजा के आयोजन को सीमित करना होगा। मुख्यमंत्री ने चोरबागान हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की भी घोषणा की है। इसमें एसटीएफ, सीआईडी सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। जांच दल का नेतृत्व एक न्यायाधीश करेंगे।
अमित शाह ने अस्पताल पहुंच कर घायलों से मुलाकात की: इस बीच कोलकाता में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार सुबह अस्पताल पहुंच कर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। हादसे के मद्देनजर गृह मंत्री ने पहले ही अपने सारे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा कर दी थी। उधर राज्यपाल आरएन रवि ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल पूछा। शनिवार रात हुए हादसे में अब तक सामने आई मृतकों की सूची में आरती सरकार विश्वास (45), टगर बेज (37), तानिया विश्वास (18), स्नेहा भंडारी (20), संदीप बेज (14), पियाली प्रमाणिक (25), प्रिया समाद्दार (18), प्रांजल सरकार (13), दिलीप घोष (59), कल्पना जाना (46), श्रीपर्णा पोद्दार (26), मिठू मंडल (45), आकृति कुमारी (17), वर्णाली हालदार (17), शुभम शंकर (33), विकास भट्टाचार्य (66) और दीपाली घोष के नाम शामिल हैं। हादसे में बिहार के एक ही परिवार के दो सदस्यों, अभिषेक श्रीवास्तव (38) और आयांश कुमार श्रीवास्तव (7) की मौत होने की खबर है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। राज्य सरकार मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25 लाख का मुआवजा देगी। साथ ही, प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी पद पर नौकरी दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय की ओर से भी मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
