Eksandeshlive Desk
भोपाल: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के तेज रफ्तार ट्रक ने शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे लाइन में लगे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी समेत 26 लोग घायल हो गए। घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शीतला माता मंदिर के पास हुए इस भीषण सड़क हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर झांसी रोड सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया गया है। वहीं, तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। दरअसल, ग्वालियर में जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान हो गई है। मृतकों में सत्येंद्र सिंह गुर्जर (22) पुत्र जगदीश सिंह, निवासी- महलगांव, सरला तोमर (50) पत्नी राजेन्द्र सिंह तोमर, निवासी- हनुमान पहाड़ी, राजीव नगर, गुढ़ा, गौरव परिहार (18) पुत्र कमलेश परिहार, निवासी- बड़ागांव, खुरेरी, महेश शर्मा (45) पुत्र मातादीन शर्मा, निवासी- सहसराम गसवानी, जिला श्योपुर, विमलेश (18) पुत्र बबलू बघेल, निवासी महागावरा, थाना सीहोर, जिला शिवपुरी, देवेश बघेल (17) पुत्र हरिसिंह बघेल, निवासी मावटा, भितरवार, प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16) पुत्र संतोष जाटव, निवासी ठाठीपुर, शौर्य शर्मा (15) पुत्र संजय शर्मा, निवासी सहसराम- श्योपुर, दिव्यांश कुशवाह (17) पुत्र अशोक कुशवाह, निवासी- महेशपुरा- सिकंदर कम्पू, पवन राठौर (23), पुत्र विद्याराम राठौर, निवासी गदाईपुरा, हजीरा, लव त्यागी (15) निवासी मुरैना, अमन त्यागी (13) निवासी मुरैना, अशोक त्यागी (45) निवासी सदर, ग्वालियर, हेमंत राठौर पुत्र बंटी राठौर, निवासी शिवनगर, गदाईपुरा और नीतेश उर्फ रितेश (18) निवासी मेला ग्राउंड दुल्लापुर, ग्वालियर शामिल है।
ट्रक चालक और ट्रक मालिक गिरफ्तार: हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद पुलिस की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सरकार ने जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने ट्रक चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में लापरवाही बरतने पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 8 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद झांसी रोड सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया गया है। इसके अलावा कार्रवाई की जद में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी और आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया व पवन सेंगर शामिल हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा है कि हादसे की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख, गंभीर घायलों को 2-2 लाख और अन्य घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद मंत्री राकेश शुक्ला घायलों का हाल जानने के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घटना पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने घायलों और उनके परिजन से भी बात की है। कहा कि हादसे में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मंत्री ने कहा कि परिजन ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनकी जांच की जा रही है। सरकार के अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा इंतजामों के बावजूद प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा भारी वाहन?: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर में देवी दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में कई परिवारो के लिए आस्था का पर्व रविवार तड़के मातम में बदल गया। सप्तमी पर आधी रात के बाद चीनौर रोड की ढलान से अनियंत्रित होकर आया भारी ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचा और रास्ते में श्रद्धालुओं तथा प्रसाद की दुकानों को रौंदता चला गया। भीषण टक्कर से मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग ट्रक तथा मलबे के नीचे दब गए। हादसे ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के इंतजामों के बावजूद ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ तक कैसे पहुंचा? हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे हुआ। सप्तमी के अवसर पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें लगी थीं। दर्शन के लिए आगे बढ़ते श्रद्धालुओं और दुकानों पर खरीदारी कर रहे लोगों के बीच अचानक चीनौर की ओर से आ रहा भारी सामान से लदा ट्रक अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ढलान से नीचे आते ट्रक की चपेट में आने से लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वाहन पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ आगे बढ़ा और श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार की दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार ढह गई। आसपास मौजूद कई लोग मलबे में दब गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पतालों में अपनों की तलाश, परिवारों में मातम: हादसे के बाद अस्पतालों में दर्दनाक दृश्य देखने को मिले। परिजन घायलों और मृतकों की जानकारी जुटाने के लिए परेशान रहे। दिव्यांश की परिजन सावित्री ने बताया कि दर्शन के बाद परिवार के लोग बाहर निकल आए थे, मगर उनकी देवरानी का बेटा दिव्यांश लापता था। काफी तलाश के बाद उसकी पहचान हो सकी। थाटीपुर निवासी निकेश के परिजन संदीप के मुताबिक, सुबह करीब पांच बजे उन्हें फोन पर भाई के घायल होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर निकेश गंभीर हालत में मिला। उसके दोनों पैर टूट गए थे और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। एक अन्य महिला अपने बेटे छोटू की तलाश में परेशान रही, जबकि उसका साथी अभिषेक घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती था। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़कर मंदिर की ओर पहुंच गया। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान भी घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, हादसे से करीब 15 मिनट पहले तक एसएसपी घटनास्थल के आसपास यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसके बावजूद भारी वाहन श्रद्धालुओं के बीच पहुंच गया। मृतका सरला तोमर के भतीजे लोकेंद्र सिंह तोमर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मार्ग पर रोक लगाने के इंतजाम थे, तो ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा और उसे किसने प्रवेश दिया?
कलेक्टर बोलीं, जांच में सामने आएगी चूक की वजह: कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, ट्रक ढलान से अनियंत्रित होकर मंदिर की ओर आया। घटनास्थल पर स्टॉपर टूटे हुए मिले। ट्रक के बेकाबू होने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच की जा रही है। प्रशासन ने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और जरूरतमंद परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से सहायता देने की बात कही है। वहीं, कलेक्टर रुचिका चौहान एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अस्पताल एवं जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। जिलाधीश चौहान एक-एक मृतक एवं घायल के परिजनों से मिलकर सांत्वना एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
