माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में शुरू किया भारत का चौथा क्लाउड क्षेत्र

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने देश के डिजिटल और कृत्रिम मेधा (एआई) बुनियादी ढांचे में अपनी 20.5 अरब यूएस डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के तहत सोमवार को हैदराबाद में अपना चौथा भारतीय क्लाउड क्षेत्र शुरू किया है। यह पुणे, चेन्नई और मुंबई के बाद माइक्रोसॉफ्ट का चौथा केंद्र है। कंपनी ने यहां माइक्रोसॉफ्ट एआई इंफ्रास्ट्रक्चर समिट में बताया कि वह भारत की फ्रंटियर एआई महत्वाकांक्षा को किस तरह बड़े पैमाने पर वास्तविक क्षमता में बदल रही है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि हैदराबाद स्थित उसका नया डेटासेंटर रीजन, इंडिया साउथ सेंट्रल, एशिया और ग्लोबल साउथ के लिए स्ट्रैटेजिक हब के रूप में डिजिग्नेटेड किया गया है। अब ‘इंडिया साउथ सेंट्रल’ क्षेत्र पुणे, चेन्नई तथा मुंबई में स्थित कंपनी के मौजूदा क्लाउड क्षेत्रों में शामिल हो गया है। कंपनी ने बताया कि हैदराबाद में स्थित ये लाइव इंडिया साउथ सेंट्रल डेटासेंटर रीजन में रेजिलिएंट थ्री-जोन आर्किटेक्चर है, जिसे अब लगातार विस्तार के लिए तैयार किया गया है।

इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत की महत्वाकांक्षा एआई-फर्स्ट राष्ट्र बनने की है। माइक्रोसॉफ्ट के इंडिया साउथ सेंट्रल डेटासेंटर रीजन का लॉन्च इस महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए जरूरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम इंडिया एआई मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं, वैसे-वैसे इस तरह के निवेश देश की एआई क्षमता का विस्तार कर रहेे है। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने बताया कि हैदराबाद संयंत्र में शीतलन के लिए पानी का उपयोग प्रभावी रूप से शून्य है और यह पारंपरिक जल-आधारित प्रणालियों के बजाय ‘एयर-कूल्ड चिलर्स’ पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय लगभग दो गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता है, जो 2035 तक बढ़कर छह से सात गीगावाट हो सकती है। चंडोक ने कहा कि इसके लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश पहले ही तय हो चुका है। पुनीत चंडोक ने कहा कि भारत न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे एशिया और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एक प्रमुख एआई बुनियादी ढांचा केंद्र के रूप में उभरेगा। एक वीडियो संदेश में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा कि यह नया क्षेत्र भारत और व्यापक रूप से एशिया के संगठनों को अधिक क्षमता, बेहतर मजबूती और व्यापक विकल्प प्रदान करेगा।

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