Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम: मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए जमशेदपुर पुलिस ने शुक्रवार को गंभीर रूप से घायल पांच वर्षीय सात्विक माझी को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए टीएमएच से कोलकाता के लिए रवाना हुई एंबुलेंस को सुरक्षित और निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस ने शहर में ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इसके तहत शुक्रवार सुबह 11.50 बजे टीएमएच से निकली एंबुलेंस को महज 15 मिनट में मानगो से बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर के आगे तक पहुंचा दिया गया। इस दौरान प्रमुख चौराहों पर यातायात रोककर एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली कराया गया।
जानकारी के अनुसार, बीते 19 अक्टूबर की रात पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आड़सा पंचायत समिति के अध्यक्ष विश्वरूप माझी अपने परिवार के साथ दुर्गापूजा घूमकर लौट रहे थे। इसी दौरान हेंसला मोड़ के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में विश्वरूप माझी की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी, बेटी और बेटा सात्विक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान मां और बेटी की हालत में सुधार हुआ, लेकिन पांच वर्षीय सात्विक की स्थिति गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया। सात्विक पुरुलिया में पदस्थापित एक डीएसपी का रिश्तेदार है। बच्चे को जल्द से जल्द कोलकाता पहुंचाने के लिए पुरुलिया के डीएसपी ने जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब से संपर्क किया। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यातायात डीएसपी नीरज को एंबुलेंस के लिए निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद यातायात पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इस अभियान में बिष्टुपुर यातायात थाना प्रभारी राकेश कुमार, साकची थाना प्रभारी नित्यानंद कुमार और मानगो थाना प्रभारी हरिओंद करमाली की टीम सक्रिय रही। एंबुलेंस में चालक रोहित कर और पैरामेडिकल स्टाफ अरूप कुमार बजानी बच्चे के साथ मौजूद थे। वहीं, आगे के सफर में किसी तरह की बाधा नहीं आए, इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर गश्ती दल के साथ घाटशिला और बहरागोड़ा पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया। जमशेदपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से गंभीर हालत में बच्चे को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले जाने का रास्ता सुगम हुआ।
