मदरसा परीक्षा शुल्क में भारी वृद्धि पर भड़का झारखंड छात्र संघ,एस अली ने सरकार को घेरा

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News by Mustaffa

भेदभाव का आरोप: आठवीं बोर्ड मुफ्त,तो वस्तानिया के लिए 1490 रुपये क्यों

​रांची : झारखंड अधिविध परिषद (JAC) द्वारा मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं के शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है। झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस विसंगति को दूर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक ही राज्य के छात्रों के बीच शुल्क के नाम पर यह भेदभाव न्यायसंगत नहीं है।
​आंकड़ों का खेल: जेब पर भारी पड़ रही मदरसा शिक्षा
एस अली ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि जहां सरकारी और अल्पसंख्यक स्कूलों में आठवीं की परीक्षा और रिजल्ट निशुल्क दिया जाता है,वहीं मदरसा के वस्तानिया (8वीं) छात्रों से 1490 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसी तरह मैट्रिक के लिए शुल्क 980-1180 रुपये है,जबकि इसके समकक्ष फौकानिया के लिए छात्रों को 1590 रुपये देने पड़ रहे हैं। इंटर के समकक्ष मौलवी की परीक्षा के लिए 1650 रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो सामान्य इंटर शुल्क (1100-1400 रुपये) से काफी अधिक है।
​हजारों गरीब छात्रों के भविष्य पर खतरा : छात्र संघ का तर्क है कि मदरसों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे बेहद गरीब और निर्धन परिवारों से आते हैं। फीस में इस असमानता और बढ़ोतरी के कारण हजारों छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह सकते हैं। एस अली ने मांग की है कि वस्तानिया की परीक्षा निशुल्क की जाए और फौकानिया-मौलवी का शुल्क मैट्रिक-इंटर के बराबर तय किया जाए।

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