मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में होगा बदलाव, मरीजों को बेहतर सुविधा पर फोकस

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By sunil
रांची: राज्य के निमार्णाधीन एवं निर्मित अस्पतालों की समग्र योजना जिसमें मरीज की सुविधा, अस्पतालों की महत्वपूर्ण इकाइयों यथा आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, आॅपरेशन थियेटर, आईपीडी, कैथ लैब, डायग्नोस्टिक एवं रेडियोलॉजी सेंटर के उपयुक्त स्थल निर्धारण किया जाने विभागीय स्तर से रिम्स तथा अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जिसकी बैठक मंगलवार को अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अध्यक्षता में संपन्न हुई। समिति का मुख्य उद्देश्य निमार्णाधीन एवं निर्मित मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की योजनाओं की समग्र समीक्षा करना तथा भवन डिजाइन में आवश्यक संशोधन कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। समिति का दायित्व निमार्णाधीन परियोजनाओं के मौजूदा डिजाइन का गहन परीक्षण करना और जहां आवश्यकता हो, वहां संशोधन या पुनर्रचना के लिए स्पष्ट अनुशंसा करना है। इसके साथ ही एकेडमिक भवन, आवासीय परिसर और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स जैसे आधारभूत संरचनाओं के समुचित विस्तार और स्थान निर्धारण पर भी समिति सुझाव देगी। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि निर्माण एजेंसियां अपने विशेषज्ञ परामर्शदाताओं के साथ समिति के समक्ष विस्तृत डिजाइन, योजना और विभागीय व्यवस्थाओं का प्रस्तुतिकरण करें। साथ ही भवन निर्माण विभाग और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। सरकार की इस पहल से राज्य के अस्पतालों में सुविधाओं का स्तर सुधारने और मरीजों को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। रिम्स और अन्य संस्थानों के वरिष्ठ चिकित्सक एवं विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर, मेडिसिन, सर्जरी, आॅन्कोलॉजी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं।

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