मशरूम प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ेंगे बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चे

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AMIT RANJAN

सिमडेगा: बाल संप्रेक्षण गृह में आवासित बच्चों को हुनरमंद बनाकर रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार व जेएसएलपीएस, सिमडेगा के सहयोग से मंगलवार को पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का शुभारंभ डीसी कंचन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। 8 से 12 सितंबर तक चलने वाले प्रशिक्षण में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बच्चों को मशरूम उत्पादन की सैद्धांतिक व व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। जेएसएलपीएस की ओर से चयनित सखी मंडल की पांच दीदियां प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। बच्चों को मशरूम उत्पादन के साथ उसकी देखभाल, पैकेजिंग, बाजार, बिक्री व व्यवसाय की संभावनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

डीसी कंचन सिंह ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण को केवल पांच दिनों की गतिविधि न समझें, बल्कि इसे भविष्य को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में लें। परिस्थितियां चाहे जैसी रही हों, भविष्य को नई दिशा देने का अवसर हमेशा मौजूद रहता है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाल संप्रेक्षण गृह से निकलने के बाद बच्चों के पास ऐसा हुनर हो, जिसके माध्यम से वे रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ सकें व समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में शुरू किया जा सकने वाला स्वरोजगार है। बच्चों को पूरी लगन व मेहनत से प्रशिक्षण लेने तथा महत्वपूर्ण जानकारियों को नोट करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए ऋण व वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी। डीसी ने बच्चों से सकारात्मक सोच, अनुशासन व आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा, ‘आप यहां से केवल प्रशिक्षण लेकर नहीं, बल्कि ऐसा हुनर लेकर निकलें, जो भविष्य में आपके अपने पैरों पर खड़े होने की ताकत बने।’ डीपीएम, जेएसएलपीएस ने कहा कि बच्चों को हुनरमंद व आत्मनिर्भर बनाना प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है। मशरूम उत्पादन का कौशल भविष्य में उनके लिए स्वरोजगार का माध्यम बन सकता है। वहीं आरसेटी के फैकल्टी नितीश अनिरुद्ध लकड़ा ने कहा कि व्यवसाय के लिए उत्पादन के साथ बाजार की समझ भी जरूरी है। बच्चों को बाजार, बिक्री, व्यवसाय संचालन व बैंक ऋण की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। मौके पर बाल संरक्षण पदाधिकारी सुमित्रा बड़ाईक सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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