रांची: कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने बुधवार को कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।प्रदीप यादव ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2 मार्च 2023 के अनूप बर्णवाल बनाम यूनियन आॅफ इंडिया मामले का जिक्र करते हुए कहा कि कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश की तीन सदस्यीय समिति का निर्देश दिया था, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उएड ने दावा किया था कि किसी योग्य मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा, लेकिन हकीकत अलग है। उन्होंने अपने क्षेत्र के कई ऐसे मतदाताओं के उदाहरण दिए जिनका नाम मृत , शिफ्टेड या अनुपस्थित में डाल दिया गया है, जबकि वे आज भी बूथ पर मौजूद हैं। कई लोगों ने फॉर्म-6 भरा, फिर भी नाम नहीं जुड़ा।यादव ने आंकड़े देते हुए बताया कि 2026 में झारखंड में कुल मतदाता 2,64,63,236 थे। इसमें से लगभग 44 लाख मतदाताओं को अरऊ में और लगभग 63 लाख को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी, नो मैपिंग सहित अन्य श्रेणियों में रखा गया है। इस तरह कुल 1 करोड़ 7 लाख मतदाता अपने मताधिकार को लेकर शंका में हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा फॉर्म-7 के माध्यम से विरोधियों के नाम कटवा रही है। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र पोड़ैयाहाट में भाजपा नेताओं के खिलाफ गलत फॉर्म-7 देने पर दो एफआईआर भी दर्ज हुई हैं।अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लोकतंत्र पर बहस की चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार में 10 प्रतिशत भी सच्चाई है तो नेता प्रतिपक्ष की चुनौती स्वी
