मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने में बीएलओ के साथ बीएलए 2 भी निभा रहे अहम भूमिका, 7 दिन में लगभग 1 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचा गणना प्रपत्र

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Eksandeshlive Desk

रांची : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद तेजी और सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए जमीनी स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों के आपसी समन्वय के कारण ही राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के शुरुआती 7 दिनों के भीतर ही बीएलओ राज्य के लगभग 39.73% कुल 1,05,13,490 मतदाताओं तक सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है, जहां घर-घर जाकर पात्र भारतीय नागरिकों का इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का यह विशेष गहन पुनरीक्षण एक पूर्णतः सहभागी प्रक्रिया है, जिसे बिना सबके सहयोग के शत-प्रतिशत सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि एक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपेक्षा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर पर अपने बीएलए-2 की सक्रियता और उपस्थिति निरंतर बनाए रखें ताकि स्थानीय स्तर पर पात्र भारतीय नागरिकों को ससमय इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जा सक एवं इसका डिजिटाइजेशन भी किया जा सके। के रवि कुमार ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए 2 अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के 5 श्रेणी एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साइन (गैर भारतीय) सूची के मतदाता को छोड़कर प्रतिदिन 50 मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म अपने बीएलओ को जमा कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें इनके सत्यापन हेतु प्रमाण पत्र भी अपने स्तर से जारी करने होंगे। बीएलए 2 द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र में उनके द्वारा निम्न घोषणा एवं सत्यापन अनिवार्य है:– “मैं एतद्द्वारा घोषित करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा दी गई सूचना मुझे सौंपे गए निर्वाचक नामावली (वोटर लिस्ट) के भाग के उचित सत्यापन पर आधारित है और मैं झूठी घोषणा करने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के दंडात्मक प्रावधानों से अवगत हूँ।” दिनांक, (बी.एल.ए. के पूर्ण हस्ताक्षर),पूरा नाम, दल (पार्टी) का नाम।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलए 2 एवं बीएलओ द्वारा संग्रहित किये गए इन्यूमरेशन फॉर्म को बीएलओ/ बीएलओ सुपरवाईजर द्वारा नियमानुसार वेरिफाई करते हुए इसके डिजिटाइजेशन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलए 2 एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साईन (गैर भारतीय) श्रेणी के मतदाताओं की सूची तैयार करेंगें एवं बीएलए 2 के साथ होने वाले बैठक में बीएलओ द्वारा बनाए गए सूची से मिलान भी कराएंगे। उन्होंने कहा कि बीएलए 2 द्वारा वेरिफिकेशन के उपरांत ही एएसडीडी सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 5 अगस्त को होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के समय इस सूची को भी प्रकाशित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विगत के विशेष गहन वाले मतदाता सूची से मैपिंग को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है जिन मतदाताओं की मैपिंग हो गई है उन्हें सामान्यतः किसी अन्य प्रकार के दस्तावेज समर्पित नहीं करने होंगे। उन्होंने कहा बीएलओ जब घर घर जाएं तो मतदाताओं से उनका यथासंभव मैपिंग अवश्य कराएं।

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