By Mustaffa
मेसरा (रांची): राजधानी के बीआईटी मोड़ से सटे केदल गांव की बदहाली जनप्रतिनिधियों के दावों की पोल खोल रही है। गांव की मुख्य सड़क,जो केदल पंचायत के मुखिया राहुल मुंडा और वार्ड सदस्य निर्मल पाहन के घर के ठीक सामने से गुजरती है। वर्षों से मरम्मत होने का इंतजार कर रही है। हल्की बारिश में ही यह रास्ता गंदे तालाब में तब्दील हो जाता है,जिससे स्कूली बच्चे और बुजुर्ग आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि आस्था के केंद्र प्रशिद्ध शिव मंदिर के ठीक बाहर कचरे का ढेर लगा है। चारों तरफ पसरी तीव्र दुर्गंध और घरों से बहते गंदे पानी के कारण महामारी का खतरा बना हुआ है। आगामी 30 जुलाई से पावन सावन महीना शुरू होने वाला है,लेकिन जलजमाव और गंदगी के बीच श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना दूभर हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा,जब मुखिया जी अपने चार साल के कार्यकाल में अपने घर के ठीक सामने की सड़क नहीं बनवा सके,तो वे पूरे पंचायत का विकास क्या करेंगे! ग्रामीणों की मुख्य मांगें: सावन शुरू होने से पहले शिव मंदिर के पास से कचरा युद्धस्तर पर हटाया जाए। गड्ढों में मोरम और गिट्टी डालकर जलजमाव दूर किया जाए। मंदिर से सटे ग्रामीण सड़क पर,नाली की स्थाई व्यवस्था हो और सड़क पर गंदा पानी बहाने वालों पर सख्त रोक लगे। वहीं,ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सावन से पूर्व व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई,तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
