मुंबई-बेंगलुरु के बीच जल्द दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 16 घंटे में पूरा होगा सफर

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Eksandeshlive Desk

मुंबई: भारतीय रेलवे मुंबई और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की तैयारी में है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस सेवा को लेकर अधिसूचना जल्द जारी किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। इस सेवा के शुरू होने के बाद मुंबई-बेंगलुरु के बीच यात्रा का समय मौजूदा करीब 24 घंटे से घटकर 16 घंटे से भी कम होने की उम्मीद है। भारतीय रेलवे ने मुंबई के सीएसएमटी से केएसआर बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सेवा शुरू होने में हुई देरी के बाद अब रेलवे प्रशासन इसे जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, यह प्रीमियम स्लीपर ट्रेन सप्ताह में 6 दिन दोनों दिशाओं में चल सकती है।

वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के बीच सीधी चलने वाली उद्यान एक्सप्रेस इस दूरी को तय करने में औसतन करीब 24 घंटे लेती है। ऐसे में वंदे भारत स्लीपर के शुरू होने से यात्रियों के समय में काफी बचत होने की संभावना है। अस्थायी समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन केएसआर बेंगलुरु से रात 10 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 1:50 बजे मुंबई सीएसएमटी पहुंच सकती है। वहीं, वापसी में ट्रेन मुंबई सीएसएमटी से रात 10:30 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 1:50 बजे बेंगलुरु पहुंचने की संभावना है। हालांकि, यह समय-सारिणी अभी अंतिम नहीं है और रेलवे प्रशासन इसमें बदलाव कर सकता है। ट्रेन के संभावित ठहरावों में अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर और कल्याण शामिल हो सकते हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 यात्री कोच होंगे। इनमें 11 एसी 3-टियर, चार एसी 2-टियर और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल होगा।यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने के लिए तैयार की गई है। परीक्षण के दौरान इसकी गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाई जा चुकी है। हालांकि, नियमित परिचालन की गति संबंधित रेल मार्ग की बुनियादी ढांचा क्षमता के अनुसार निर्धारित की जाएगी। यूरोपीय ट्रेनों के डिजाइन से प्रेरित वंदे भारत स्लीपर के कोचों में यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए कुशनयुक्त बर्थ उपलब्ध कराए गए हैं। ऊपरी बर्थ पर चढ़ना आसान हो, इसके लिए बर्थ के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। प्रत्येक कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए व्यक्तिगत रीडिंग लाइट, चार्जिंग प्वाइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ट्रेन के अंदरूनी हिस्से में जीएफआरपी पैनल का इस्तेमाल किया गया है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में देश में विकसित ‘कवच’ एंटी-कॉलिजन प्रणाली लगाई गई है। इसके अलावा ऊर्जा की बचत के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।कोचों के बीच स्वचालित इंटरकनेक्टिंग दरवाजे लगाए गए हैं। कोचों के बीच के मार्ग को पूरी तरह सीलबंद रखा गया है, जिससे ट्रेन के अंदर स्वच्छ हवा और तापमान नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी। ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी मौजूद होगा। आपात स्थिति में यात्रियों को सीधे लोको पायलट से संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुंबई-बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने से इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यात्रियों को तेज, आधुनिक और आरामदायक रात की यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रेन के आधिकारिक उद्घाटन की तारीख, अंतिम समय-सारिणी और किराए की घोषणा रेलवे की ओर से किया जाना अभी बाकी है।

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