नेफेड नीलामी पोर्टल ‘नाफेक्स’ शुरू, अमित शाह बोले- यह पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता के लिए महत्वपूर्ण

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यहां भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) के नए डिजिटल नीलामी पोर्टल ‘नाफेक्स.इन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के किसानों और कृषि संस्थाओं के हित में पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता बढ़ाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म नीलामी संबंधी गतिविधियों को सुगम बनाने और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा। समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, नेफेड के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर, उपाध्यक्ष सिद्धाप्पा एस होट्टी और प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस नए पोर्टल के माध्यम से नेफेड ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पारदर्शी तरीके से कृषि उत्पादों की खरीद और उसके 48 घंटे के भीतर सीधे किसान के खाते में भुगतान (डीबीटी) सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, किसानों को लंबी लाइनों से बचाने के लिए पहले से ही पंजीकरण कराने की सुविधा भी मुहैया कराई गई है।

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में जो नेफेड बंद होने की कगार पर पहुंच गया था, वह सरकार के निरंतर सुधारों और प्रयासों की बदौलत आज 30 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर तथा 500 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ देशभर के 7.6 मिलियन (76 लाख) किसानों को अपनी सेवाएं दे रहा है। आज के दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 23 जून का दिन सभी कार्यकर्ताओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, क्योंकि इसी दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए जम्मू-कश्मीर की जेल में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने अंग्रेजों से लोहा लेकर यह सुनिश्चित किया था कि पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना रहे। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के ऐतिहासिक संघर्ष का स्मरण कराते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू होने के कारण वहां का अलग झंडा, अलग संविधान और अलग प्रधान था, जो देश की संप्रभुता के लिए अत्यंत खतरनाक था। उस समय डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के खिलाफ दिल्ली से कश्मीर तक मार्च निकाला था और बिना परमिट प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अमित शाह ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के साथ डॉ. मुखर्जी का वह ऐतिहासिक सपना पूरी तरह साकार हो चुका है। कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश के कृषि उत्पादन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो हरित क्रांति से भी तेज विकास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं। पहला, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, दूसरा, आम लोगों तक पोषक आहार पहुंचाना और तीसरा किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि बंपर पैदावार के समय कीमतों में आने वाली गिरावट से किसानों को बचाने के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर रिकॉर्ड खरीद कर रही है। दलहन और तिलहन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष मिशन शुरू किया गया है, जिसके तहत अरहर, मसूर और उड़द की शत-प्रतिशत फसल को सरकार एमएसपी पर खरीदेगी। ये खरीद पारदर्शिता से कैसे हो इसके लिए मैं नेफेड को बधाई देना चाहता हूं। नेफेड ने एनसीसीएफ के साथ मिलकर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पारदर्शी तरीके से इसकी खरीद हो और उसके 48 घंटे में किसान के खाते में उस खरीद का पैसा भी पहुंच जाए, ये नेफेड ने तय किया है। खरीददारी में लाइन न लगे, उसके लिए पहले से पंजीकरण हो जाए, किसानों के लिए स्थान पर सभी सुविधाएं मुहैया कराना, ये सचमुच नेफेड ने किसानों के हित में बहुत प्रशंसनीय कार्य किया है। मैं उनकी पूरी टीम को बहुत बधाई देता हूं। बाकी नेफेड की नजर दुनिया पर भी है। नेफेड निर्यात की दिशा में भी बढ़ रहा है। पिछले दिनों सहकारिता मंत्रालय ने सहकार से समृद्धि को एक नारे से बढ़ाते हुए देश के करोड़ों किसानों के लिए जीवन मंत्र बना दिया है।

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