पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
MUSTFA
रांची: ओरमांझी प्रखंड क्षेत्र में क्रेशरों व पत्थर खदानों से उड़ती धूल और ओवरलोडेड भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण बेहाल हैं। सैकड़ों हाईवा वाहनों की दिन-रात आवाजाही से क्षेत्र की प्रमुख सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं,जबकि सिकिदिरी मार्ग पर अधूरी नाली के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। जनसमस्या को देखते हुए रांची के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र भेजकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व सांसद ने पत्र में कहा कि आदिवासी बहुल ओरमांझी क्षेत्र में क्रेशर व्यवसाय के कारण दर्जनों गांवों की स्थिति दयनीय हो गई है। सड़कों की बदहाली से किसान और छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने इन सड़कों की मरम्मत ग्रामीण विकास विभाग के बजाय पथ निर्माण विभाग से कराने की मांग की है। कुच्चू मुख्य पथ से जावा बेड़ा (वाया हेन्देबिल्ली),लगभग 6 किमी। कुल्ही मुख्य पथ से मंदरो (वाया कुकुई चापावार),लगभग 4 किमी। कुच्चू मुख्य पथ से कामता बस्ती: लगभग 2 किमी। इसके अलावा पूर्व सांसद ने ओरमांझी-सिकिदिरी मार्ग पर आनंदी से दड़दाग के बीच अधूरी पड़ी नाली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि शिवाजी उच्च विद्यालय के पास सड़क निर्माण के समय करीब 1500 फीट नाली का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया था, जो अब क्षतिग्रस्त हो चुका है। नाली पूरी न होने से गंदा पानी सड़क पर बहता है,जिससे रोजाना गुजरने वाले हजारों छात्र-छात्राओं और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस 1500 फीट हिस्से का निर्माण जल्द नहीं हुआ,तो पूर्व में बनी नाली का औचित्य खत्म हो जाएगा। पूर्व सांसद ने मुख्य सचिव से इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया है।
