पैनम कोल अवैध खनन मामले में एसीबी को मिले अनियमितताओं के प्रारंभिक साक्ष्य, हाई कोर्ट में दी जांच की जानकारी

Crime

Eksandeshlive Desk

रांची: झारखंड के पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी से जुड़े कथित अवैध खनन मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के कुछ साक्ष्य मिले हैं। मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय में मामले से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान एसीबी ने यह जानकारी दी। अदालत को बताया गया कि उसके पूर्व आदेश के आलोक में मामले की प्रारंभिक जांच (पीई) जारी है और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सुनवाई के दौरान पैनम कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से आवेदन दाखिल कर अदालत को बताया गया कि एसीबी ने मंगलवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है, लेकिन अस्वस्थता के कारण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना संभव नहीं है। ऐसे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अथवा किसी प्रतिनिधि के माध्यम से एसीबी के समक्ष पक्ष रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया।वहीं, एसीबी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने अदालत को बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर मामले की प्रारंभिक जांच की जा रही है। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया कुछ अनियमितताओं के साक्ष्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल पैनम कोल इंडिया लिमिटेड का तत्काल बयान दर्ज करना आवश्यक नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एसीबी का पक्ष संज्ञान में लेते हुए पैनम कोल इंडिया लिमिटेड के आवेदन का निष्पादन कर दिया। मामले में याचिकाकर्ता राम सुभग सिंह की ओर से अधिवक्ता राजीव नंदन प्रसाद ने पक्ष रखा।

उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने पैनम कोल माइंस से जुड़े कथित अवैध खनन मामले में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2015 में कंपनी को पाकुड़ और दुमका जिलों में कोयला खनन के लिए लीज मिली थी, लेकिन निर्धारित सीमा से अधिक कोयले का खनन किया गया। इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होने का आरोप है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इस मामले में पूर्व में जांच भी कराई गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट के आधार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी से जुड़े कथित अवैध खनन मामले की जांच उच्च न्यायालय ने एसीबी को सौंपी है। इससे पहले अदालत ने दुमका के प्रमंडलीय आयुक्त की 19 अक्टूबर 2015 की जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया था। उक्त रिपोर्ट के आधार पर पाकुड़ के तत्कालीन उपायुक्त सुनील कुमार के खिलाफ केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मामले में आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी अदालत ने सवाल उठाए थे। अब एसीबी की प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने की जानकारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

Spread the love