प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से की द्विपक्षीय वार्ता, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और अबू धाबी के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी देश के रूप में अबू धाबी की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने इस वर्ष जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान हुई महत्वपूर्ण प्रगति को याद किया।प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने शिखर सम्मेलन में सामने आए सकारात्मक परिणामों का स्वागत करते हुए साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि यह परियोजना ओडिशा को वैश्विक एल्युमीनियम विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में यूएई के नए सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फंड ‘एल’आईएमएडी’ की भूमिका पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि यह फंड भारत और अबू धाबी के बीच आर्थिक साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।इसके अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी दोनों नेताओं ने विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और यूएई के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से की द्विपक्षीय वार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर बिन इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने इस वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत आगमन पर प्रधानमंत्री इब्राहिम का स्वागत किया और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में मलेशिया की भागीदारी की सराहना की। भारत और मलेशिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, वित्तीय प्रौद्योगिकी, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री इब्राहिम ने सबाह के कोटा किनाबालु में भारत का महावाणिज्य दूतावास स्थापित किए जाने पर मलेशिया की सहमति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-आसियान संबंधों को मजबूत करने में मलेशिया के निरंतर सहयोग की सराहना की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों पक्षों ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री मोदी-अबी अहमद की द्विपक्षीय बैठक, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर तलाशने पर व्यापक चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग, व्यापार, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। नेताओं ने आपसी सहयोग को और गति देने तथा दोनों देशों के बीच साझेदारी को व्यापक एवं परिणामोन्मुख बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया। यह बैठक दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की कड़ी के रूप में हुई। उस यात्रा के दौरान भारत और इथियोपिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री मोदी और डॉ. अबी अहमद ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत और इथियोपिया के बीच समन्वय तथा आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी का स्वागत करते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में इथियोपिया की उपस्थिति से वैश्विक दक्षिण की सामूहिक आवाज को मजबूती मिली है। दोनों नेताओं की वार्ता से भारत-इथियोपिया संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद की निरंतरता भी रेखांकित हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री से की द्विपक्षीय वार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम संबंधों और विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने इसी साल मई महीने में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं, जो साझा सांस्कृतिक विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित हैं। वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का महत्वपूर्ण स्तंभ और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत का प्रमुख साझेदार है।

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