अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): प्रतापपुर स्थित प्लस टू मॉडल उच्च विद्यालय भवन में दरारें पड़ने और छत व दीवारों से प्लास्टर झड़ने संबंधी खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, चतरा ने भवन निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। उपायुक्त द्वारा पत्रांक-640, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से करीब तीन वर्ष पूर्व निर्मित विद्यालय भवन के कई हिस्सों में प्लास्टर झड़ने और दीवारों में दरारें आने की शिकायत मिली है। इससे विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।
मामले की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच के लिए गठित समिति में अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा, जिला अभियंता, जिला परिषद, चतरा तथा सहायक अभियंता, भवन प्रमंडल, चतरा को शामिल किया गया है।
समिति को भवन की वर्तमान तकनीकी स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के अनुपालन तथा संबंधित संवेदक की भूमिका की विस्तृत जांच कर 10 दिनों के भीतर साक्ष्यों एवं स्पष्ट मंतव्य सहित जांच प्रतिवेदन उपायुक्त को सौंपने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी, चतरा को जांच समिति को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि विद्यालय भवन में निर्माण के महज तीन वर्ष के भीतर ही प्लास्टर झड़ने और दरारें पड़ने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे। खबर के व्यापक प्रसार के बाद जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने को मामले में बड़ी प्रशासनिक पहल माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
