Eksandeshlive Desk
देवघर: श्रावणी मेला के 22 वें दिन गुरुवार को बाबा नगरी देवघर में एक बार फिर आस्था का भव्य सैलाब देखने को मिला। प्रातः बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह के पट खुलते ही कांवड़ियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबा पर जलार्पण शुरू किया। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पहुंचे शिवभक्तों के बोल-बम और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा कांवड़िया पथ और रूट लाइन गुंजायमान रहा। प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्था के बीच कांवड़िये कतारबद्ध होकर बाबा मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए। बीएड कॉलेज से लेकर मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, कतार प्रबंधन और सुगम जलार्पण को लेकर सभी प्रमुख बिंदुओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि देवतुल्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में कांवड़ियों की संख्या में कुछ कमी दिखाई दे रही है, लेकिन कांवड़िया पथ अब भी शिवभक्तों से गुलजार है।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए कांवड़ियों के कदम लगातार बाबा नगरी की ओर बढ़ रहे हैं। श्रावणी मेला अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और प्रशासन आगामी अंतिम सोमवार को लेकर भी तैयारियों में जुट गया है। शहर के भीतर कांवड़ियों की भीड़ को नियंत्रित रखने और उनके मनोरंजन के लिए शिवलोक परिसर में प्रत्येक संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कांवड़िये इन कार्यक्रमों का जमकर आनंद उठा रहे हैं। वहीं, शिवगंगा परिसर में आयोजित लेजर शो भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इससे शिवगंगा क्षेत्र में ठहरने वाले कांवड़ियों को आध्यात्मिक माहौल के साथ मनोरंजन का भी अवसर मिल रहा है। श्रावणी मेला की अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मेला अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, वहीं जिला प्रशासन कांवड़ियों के सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण के संकल्प के साथ लगातार मुस्तैद है।
