MUKESH KUMAR
लातेहार: जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र में सोमवार को स्कूली बच्चों को लेकर जा रही सवारी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना में आठ से अधिक बच्चे घायल हो गए। इनमें दो बच्चों को गंभीर चोट आई है, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद अंचल अधिकारी लवकेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय होकर राहत कार्य में जुट गई हैं। दरअसल बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित सैंट क्लारेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे छुट्टी के बाद सवारी गाड़ी पर सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि वाहन चालक के द्वारा एक दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट कर खेत में जा गिरी। इधर दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग तत्काल सक्रिय हो गए और गाड़ी में सवार सभी बच्चों को तत्काल दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को भी दी। सूचना मिलने के बाद अंचल अधिकारी लवकेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल हुए सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं कुछ घायल बच्चों को अभिभावकों द्वारा प्राइवेट अस्पताल में भी ले जाया गया। घायल बच्चों में दो बच्चों को गंभीर चोट आई है। इन्हें प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।इधर इस संबंध में अंचल अधिकारी लवकेश सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी जैसे ही उन्हें मिली वह तथा अन्य प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। सभी घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि घायल सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। कुछ बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में संचालित सभी स्कूल प्रबंधकों को नोटिस देकर बैठक की जाएगी और उन्हें निर्देश दिया जाएगा कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाली गाड़ियों के चालक एक्सपर्ट हों। इसके अलावा गाड़ी की फिटनेस भी दुरुस्त हो। यदि किसी स्कूल में पुरानी गाड़ी चलाई जा रही है तो उसे तत्काल हटाना होगा। यहां बताते चलें कि कुछ दिन पूर्व ही महुआडांड़ प्रखंड में भी स्कूली वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जिसमें एक बच्चे की मौत भी हो गई थी। वहीं कई अन्य बच्चे घायल हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस प्रकार लगातार घटनाएं हो रही हैं, यह काफी गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। प्रशासन को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो और बच्चे सुरक्षित रह सके।
