Ashutosh Jha
काठमांडू: भारत ने नेपाल के लिए राजदूत के रूप में सुधाकर दलेला के नाम का प्रस्ताव किया है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, उनके नाम की एग्रिमो (मेजबान देश की सहमति) के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। नेपाल में इस बार राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को राजदूत बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन भारत ने कर्मचारी पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को राजदूत के रूप में प्रस्तावित किया है। वर्ष 2025 से भारत के विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव के रूप में कार्यरत दलेला इससे पहले तीन वर्ष तक भूटान में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वर्तमान में वे भारत की आर्थिक कूटनीति, ग्लोबल साउथ के देशों के साथ विकास साझेदारी, अफ्रीका के साथ साझेदारी, बहुपक्षीय आर्थिक संबंध तथा नई और उभरती रणनीतिक प्रौद्योगिकियों से जुड़े विषयों को देखते हैं।
वर्ष 2009 से 2011 तक सुधाकर दलेला ने प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक के रूप में काम किया था। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में भारत के दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों, पूर्वी एशिया तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र, खाड़ी, मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों से जुड़े विषय शामिल थे। उन्होंने सन् 2006 से 2007 तक विदेश मंत्रालय के नॉर्थ डिवीजन में कार्य किया। इसके बाद सन् 2016 से 2019 तक वे इसी डिवीजन में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत रहे। उस दौरान उन्होंने भूटान और नेपाल के साथ भारत के संबंधों से जुड़े मामलों पर निकटता से काम किया। दलेला को व्यापार और आर्थिक नीति के क्षेत्र में भी व्यापक अनुभव है। उन्होंने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य विभाग में व्यापार नीति निदेशक के रूप में काम किया है। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत के स्थायी मिशन में दो बार सेवा दी है। दलेला को अमेरिका में भारत के महावाणिज्यदूत के रूप में काम करने का भी अनुभव है। वह वाशिंगटन डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में सन् 2011 से 2014 तक राजनीतिक मामलों के मंत्री तथा सन् 2020 से 2022 तक उप मिशन प्रमुख के रूप में कार्य कर चुके हैं।
