विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर रिनपास में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश

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रांची। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज (रिनपास), कांके में शुक्रवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “सुनी जाएं जीवन की अनुभूतियां: वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव” रखी गई है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा करने वाले लोगों की आवाज को महत्व देना और उनके अनुभवों के आधार पर सेवाओं में सकारात्मक बदलाव लाना है।कार्यक्रम के दौरान रिनपास ओपीडी परिसर में आम लोगों, मरीजों, परिजनों, विद्यार्थियों और कर्मियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता संदेश दिए गए। विशेष रूप से किसी व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुनने, बिना पूर्वाग्रह के संवाद करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लेने के महत्व पर जोर दिया गया। बताया गया कि हर व्यक्ति अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का हकदार है और केवल सलाह देने के बजाय पहले उसकी बात सुनना अधिक प्रभावी मदद है।नुक्कड़ नाटक से युवाओं को जोड़ायुवाओं और विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए नर्सिंग विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से भावनात्मक समस्याओं, सामाजिक समर्थन और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को सरल तरीके से समझाया गया।शुक्रवार को 11:15 से 11:30 बजे तक और 11:30 से 11:45 बजे तक दो सत्रों में विद्यार्थियों ने रिनपास ओपीडी में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।रिनपास ने 10 से 14 अक्टूबर तक जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला निर्धारित की है। इसके तहत विभिन्न नर्सिंग संस्थानों के विद्यार्थी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संदेश देंगे।कार्यक्रम में बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल बीमारी की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज में कलंक को कम करने के लिए लोगों को बोलने का अवसर देना, उनकी बात सुनना और सहायता तक पहुंचाने में सहयोग करना जरूरी है। रिनपास उपचार, पुनर्वास, प्रशिक्षण और अनुसंधान के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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