यूएन महासचिव ने बहुध्रुवीय विश्व के अनुरूप वैश्विक संस्थाओं में सुधार को बताया जरूरी

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रविवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कहा कि आज की आर्थिक, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक वास्तविकताएं 1945 जैसी नहीं हैं। वैश्विक संस्थाओं के ढांचे में समयानुसार बदलाव होना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और ब्रेटन वुड्स व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। गुटेरेस ने कहा कि दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। बहुध्रुवीयता वैश्विक व्यवस्था और संस्थाओं में संतुलन और समानता लाने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन की थीम के अनुरूप दुनिया को लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास पर आगे बढ़ना होगा। यह समावेशी वैश्विक विकास के लिए जरूरी है।

गुटेरेस ने समावेशी वैश्विक विकास के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया। इनमें पहला वित्तीय सुधार है। इसके तहत विकासशील देशों के लिए अधिक वित्तीय संसाधन, ऋण राहत और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में उनकी अधिक भागीदारी की जरूरत है। दूसरा प्रौद्योगिकी है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की खाई कम करने और विकासशील देशों को कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा तथा कौशल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। तीसरा जलवायु न्याय है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, उत्सर्जन कम करना और विकासशील देशों को जलवायु वित्त उपलब्ध कराना शामिल है। चौथा शांति है। इसके तहत गाजा, यूक्रेन, सूडान और अन्य संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान जरूरी है।

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