News By Mukesh
चंदवा :हिंडाल्को चाकला कोल माइन परियोजना क्षेत्र के गांवों में आयोजित काशी घास शिल्प एवं बाँस शिल्प का तीस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चाकला कोल माइन परियोजना के अरंडिया टांड़, चकला, अंबाटांड़, नवाटोली, पड़वा हरैया गांवों की 50 महिलाओं को काशी घास शिल्प और बाँस शिल्प का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को पारंपरिक हस्तशिल्प कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध घास एवं बाँस से पर्यावरण‑अनुकूल हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकें सिखाई गईं। महिलाओं ने इस प्रशिक्षण के माध्यम से सुंदर और उपयोगी हस्तशिल्प उत्पाद बनाना सीखा, जिससे उन्हें भविष्य में स्वरोज़गार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। साथ ही, यह पहल क्षेत्र की पारंपरिक कला, आदिवासी ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।कार्यक्रम से जुड़ी महिलाएँ अब अपनी पारंपरिक क्षमताओं को आजीविका के स्थायी साधनों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी बल्कि पूरे समुदाय में आत्मनिर्भरता और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
