ओबीसी मोर्चा के दबाव का असर, 70 घंटे बाद प्रशासन ने तुड़वाया बलराम प्रसाद का आमरण अनशन

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Eksandeshlive Desk

रांची : राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश लातेहार जिला प्रशासन द्वारा अनशन तुड़वाने के कदम का स्वागत करता है। ये ओबीसी समुदाय की एकजुटता और मीडिया के दबाव की जीत है। इससे साबित हुआ कि सरकार जनता की आवाज़ को ज्यादा दिन तक अनसुना नहीं कर सकती। ज्ञात हो कि आज राजभवन, रांची के समक्ष पिछले 4 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे महुआडांड़, लातेहार निवासी समाजसेवी बलराम प्रसाद का अनशन समाप्त कराया गया। लातेहार जिला प्रशासन बलराम प्रसाद द्वारा महुआडाड एसडीओ और सीओ पर लगाए गए आरोपों की जांच के आश्वासन पर स्थानीय मजिस्ट्रेट मोहम्मद जफर हसनैन ने बलराम प्रसाद को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मोर्चा स्पष्ट कर देना चाहता है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। मोर्चा अपनी मांगों पर अडिग है। हमारी मांग है कि जांच समिति बने: एसडीएम विपिन कुमार दुबे और सीओ संतोष बैठा पर लगे सभी 15 भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक सप्ताह के अंदर कमिश्नर स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित हो। जांच प्रभावित न हो, इसलिए जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से महुआडांड़ से हटाया जाए। बलराम प्रसाद को भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसकी गारंटी प्रशासन दे। गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के अंदर जांच समिति नहीं बनी तो राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा 26 अप्रैल से लातेहार समाहरणालय के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगा। ओबीसी समुदाय अब अपने सम्मान और हक के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

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