News by Mustaffa
आधी रात को फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने पीछा कर घेरा: एक तस्कर बाइक के साथ गिरफ्तार,चार फरार
रांची/मेसरा : राजधानी के ग्रामीण इलाकों में पशु तस्करी के खिलाफ ओरमांझी पुलिस ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सालहन पुल के पास घेराबंदी कर 18 बैलों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। इन पशुओं को अत्यंत ही अमानवीय तरीके से पैदल खदेड़कर बंगाल ले जाने की तैयारी थी। पुलिस ने मौके से एक तस्कर को उसकी मोटरसाइकिल के साथ धर दबोचा है,जबकि गिरोह के अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल: स.अ.नि. मतिग्रस टोप्पो के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में रात्रि गश्ती पर थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि तस्करों का एक दल ईरबा-ओरमांझी के रास्ते पशुओं की बड़ी खेप लेकर अनगड़ा की ओर बढ़ रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने तड़के 3:20 बजे सालहन पुल के पास मोर्चा संभाला। पुलिस को देखते ही तस्कर पशुओं को छोड़कर भागने लगे।
बाइक से की जा रही थी एस्कॉर्टिंग: पकड़ा गया आरोपी मईउद्दीन अंसारी (40 वर्ष), पिता- स्व. अजीज अंसारी (ग्राम- ईरबा) अपनी स्प्लेंडर प्लस बाइक (जेएच 01 डीवाई -9514) से पशुओं के आगे-आगे चलकर रास्ता साफ होने की रेकी कर रहा था। पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ा। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि ये पशु वध के उद्देश्य से बंगाल ले जाए जा रहे थे।
इनके खिलाफ मामला दर्ज :
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है,जिनमें मईउद्दीन के अलावा आलम अंसारी,जटलु महतो,शम्स परवेज उर्फ गुड्डू और अशफाक उर्फ खान शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 के साथ-साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और झारखंड गोवंशीय पशु वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हुटुप गौशाला भेजे गए सभी पशु :
बरामद 18 बैलों (10 लाल, 3 सफेद,4 भूरे और 1 काला) का पशु चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को सुरक्षित देखरेख के लिए हुटुप गौशाला भेज दिया गया है। मामले की जांच एएसआई अनूप कुमार सिंह को सौंपी गई है। वहीं,पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि तस्कर रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। पकड़े गए आरोपी ने कई अन्य सफेदपोश तस्करों के नाम भी उगले हैं,जिन पर पुलिस की पैनी नजर है।
