बी आई टी में हरित ऊर्जा एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर ज्यूरिख, सिंगापुर और कैलिफ़ोर्निया से प्रतिभागी होंगे शामिल

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By Sunil Verma

रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 18 से 22 मई 2026 तक “सस्टेनेबल हरित ऊर्जा सिस्टम्स के लिए उभरती नियंत्रण एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियां” विषय पर एक संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम तकनीकी व्याख्यानों के साथ सिमुलेशन आधारित एवं अनुप्रयोग-उन्मुख सत्रों का समन्वय है, जिसमें राष्ट्रीय संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों तथा उद्योग जगत से कुल उन्नीस वक्ता भाग लेंगे।भारत के रिन्यूएबल ऊर्जा कार्यक्रम, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट स्थापित क्षमता तथा वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करना है, ने विद्युत प्रणालियों एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता रखने वाले संकाय सदस्यों की मांग को बढ़ा दिया है। यह कार्यक्रम चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है विद्युत वाहन प्रणालियां, स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकी, ऊर्जा प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रिन्यूएबल ऊर्जा स्रोत। सत्रों में कक्षा शिक्षण के साथ व्यावहारिक एवं प्रयोगात्मक घटक भी शामिल होंगे। इस आयोजन को गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL), झारखंड रिन्यूएबल ऊर्जा विकास अभिकरण , क्वार्ब्ज इन्फो सिस्टम OPAL-RT तथा क्रिएटिव रोबोटिक्स जैसी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है, जो उभरती ऊर्जा एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण क्षेत्र में उद्योगों की भागीदारी को दर्शाता है।
कार्यक्रम संस्थान के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार मिश्रा कार्यरत हैं, जबकि संकाय विकास कार्यक्रम समन्वयक डॉ. गौरी शंकर गुप्ता इसके आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड , रांची के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर फॉर आयरन एंड स्टील के कार्यकारी निदेशक संदीप कुमार कर उद्घाटन भाषण देंगे, जबकि रांची नगर निगम के आयुक्त आईएएस सुशांत गौरव समापन सत्र को संबोधित करेंगे। दोनों इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वक्ताओं की सूची इटली, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा भारत के संस्थानों तक फैली हुई है। पोलिटेक्निको दी मिलानो, इटली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जियाम्बत्तिस्ता ग्रुओसो विद्युत वाहन चार्जिंग के विद्युत एवं संचार नेटवर्क के साथ एकीकरण पर व्याख्यान देंगे। साउदर्न यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चीन के पीआई लैब्स से जुड़े डॉ. ललितेश कुमार, प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल प्रणालियों के लिए पोर्ट-हैमिल्टोनियन नियंत्रण पर चर्चा करेंगे। माइक्रोसॉफ्ट के प्रत्युष आनंद ऊर्जा दक्ष सॉफ्टवेयर एवं फर्मवेयर प्रथाओं पर प्रस्तुति देंगे, जबकि क्वार्ब्ज इन्फो सिस्टम, कानपुर की एप्लिकेशन इंजीनियर एरा बाजपेयी डिजिटल कंट्रोल प्रणालियों के लिए हार्डवेयर-इन-द-लूप सिमुलेशन पर चर्चा करेंगी।इसके अतिरिक्त भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोवा के प्रोफेसर तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान वारंगल के पूर्व निदेशक प्रो. विद्याधर सुबुद्धि एडेप्टिव कंट्रोल प्रणालियों पर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम) धनबाद के डॉ. कल्याण चटर्जी ऊर्जा अनुप्रयोगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर सुरक्षा विषय पर सत्र आयोजित करेंगे। इसके अलावा वीएनआईटी नागपुर, एनआईटी रायपुर, एनआईटी राउरकेला, एनआईटी तिरुचिरापल्ली, एनआईटी दुर्गापुर, बिट्स पिलानी, एमएनएनआईटी इलाहाबाद, यशवंतराव चव्हाण अभियांत्रिकी महाविद्यालय तथा पंजाब अभियांत्रिकी महाविद्यालय, चंडीगढ़ के संकाय सदस्य भी अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में पहले ही 19 भारतीय राज्यों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जिनमें ईटीएच ज्यूरिख, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस, सिंगापुर और इंटेल, कैलिफ़ोर्निया शामिल हैं से 120 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है। यह विषय की प्रासंगिकता तथा अंतरराष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा में संस्थान की प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
इस कार्यक्रम के आयोजन स्थल के रूप में रांची का चयन भी विशेष महत्व रखता है। झारखंड, जो लंबे समय से भारत की औद्योगिक एवं खनिज अर्थव्यवस्था से जुड़ा रहा है, अब सौर ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा संबंधित कार्यक्रमों के विस्तार के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में इस कार्यक्रम के आयोजन से पूर्वी भारत के शैक्षणिक तंत्र को देश के व्यापक हरित ऊर्जा परिवर्तन से सीधे जोड़ा जा रहा है।

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