By Sunil
बीआईटी मेसरा में पांच दिवसीय कार्यक्रम में बोले
राँची : बीआईटी मेसरा में इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग ने पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का शुरूआत की। इसका थीम रहा सतत हरित ऊर्जा प्रणालियों के लिए उभरती नियंत्रण एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ है। डॉ. गौरी शंकर गुप्ता ने स्वागत संबोधन में वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में हो रहे तीव्र परिवर्तन के अनुरूप शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों के अनुकूलन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा 16 राज्यों, 2 केंद्र शासित प्रदेशों तथा 5 देशों से प्रतिभागियों की सहभागिता इस क्षेत्र में बढ़ती शैक्षणिक रुचि को दशार्ती है। हमें विश्वास है कि यह पाँच दिवसीय कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा। बतौर मुख्य अतिथि सेल के कार्यकारी निदेशक संदीप कुमार ने आधुनिक उद्योग में सस्टेनेबल एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन स्टील व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अनुरक्षण, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन तथा नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण से संबंधित पहलों का उल्लेख किया तथा वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों के समाधान हेतु शैक्षणिक-औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। ज्ञात हो कि यह 22 मई तक आयोजित किया जाएगा। कुलपति प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना, तथा कार्यवाहक कुलाधिपति, डॉ. गौतम सारखेल , के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार मिश्रा ने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में इंजीनियरिंग शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इस एफडीपी में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 145 प्रतिभागी भारत के 16 राज्यों एवं 2 केंद्र शासित प्रदेशों से हैं, जबकि 6 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी इलिनॉय, कैलिफोर्निया, न्यू हैम्पशायर (संयुक्त राज्य अमेरिका), सिंगापुर तथा ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) से सम्मिलित हो रहे हैं। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित यह कार्यक्रम विविध भौगोलिक क्षेत्रों के प्रतिभागियों के लिए सुलभ एवं समावेशी बनाया गया है। पाँच दिवसीय इस कार्यक्रम में आईआईटी, एनआईटी, बिट्स पिलानी, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों तथा कॉरपोरेट क्षेत्र के 19 विशिष्ट वक्ता अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे, जिनमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर भी विशेष बल दिया जाएगा। पाठ्यक्रम में विद्युत वाहनों (ईवी) के चार्जिंग अवसंरचना एवं प्रणालियाँ, स्मार्ट ग्रिड की अंत:क्रियाएँ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पूवार्नुमानित अनुरक्षण, विद्युत प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग, पोर्ट-हैमिल्टोनियन नियंत्रण, रिन्यूएबल एनर्जी तथा विद्युत नेटवर्क की साइबर-सुदृढ़ता जैसे विषय शामिल हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी चचार्एँ तथा ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य सतत ऊर्जा प्रणालियों एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नवीनतम विकासों को प्रोत्साहित करना है।
