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मेसरा (रांची): ओरमांझी अंचल मैदान स्थित महावीर मंदिर के नवनिर्माण में आ रहे व्यवधान को दूर करने के लिए रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रखंड स्तरीय महाबैठक का आयोजन किया गया। लाल बहादुर क्लब नवनिर्माण समिति की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्र के सभी धार्मिक संगठनों, समितियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मामले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए 15 सदस्यीय विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा, जो एक सप्ताह के भीतर आगे की रणनीति तय करेगी।
क्या है पूरा मामला: फोरलेन सड़क के चौड़ीकरण के कारण महावीर मंदिर को अंचल मैदान में शिफ्ट किया जा रहा है। समिति द्वारा मंदिर का निर्माण कार्य जोर-शोर से कराया जा रहा था, लेकिन मंदिर परिसर की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) बनाने के दौरान स्थानीय निवासी राजकुमार वर्मा, मुकेश वर्मा और उनके परिजनों द्वारा कथित रूप से बाधा उत्पन्न की गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने ओरमांझी थाने में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद प्रशासन द्वारा धारा 107 लगा दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से मंदिर का निर्माण कार्य फिलहाल पूरी तरह बाधित है। इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए इस महाबैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने कहा मंदिर हमारी आस्था और धर्म से जुड़ा संवेदनशील विषय है। इसके निर्माण में किसी भी तरह का व्यवधान या राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी को मिलकर इसका हल निकालना होगा। वहीं, पूर्व प्रमुख जय गोविंद उर्फ लालू साहू ने कानूनी पचड़ों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मंदिर या चहारदीवारी निर्माण से अगर किसी को कोई परेशानी थी, तो उसे सामाजिक स्तर पर बैठकर सुलझाया जाना चाहिए था। कानून का सहारा लेकर पवित्र कार्य को रुकवाना सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से कतई सही नहीं ठहराया जा सकता। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के अध्यक्ष रवि रंजन साहू और उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि हर हाल में मंदिर का निर्माण पूरा किया जाएगा। बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ लोगों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व सांसद और पूर्व प्रमुख के अलावा मुखिया शिवनाथ मुंडा, ग्राम प्रधान प्रेमनाथ मुंडा, अशोक गुप्ता, लक्ष्मण साहू, महेंद्र सिंह, उमाशंकर साहू, दीपक साहू, अजय साहू, सत्यम राज कुशवाहा, रामकुमार महतो सहित समिति के पदाधिकारी, संरक्षक और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं व ग्रामीण उपस्थित थे।
