खरीफ कार्यशाला में वैज्ञानिक खेती पर जोर

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NUTAN

लोहरदगा: किस्को स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि दयानंद उरांव उपस्थित रहे। कार्यशाला में केवीके के वरीय वैज्ञानिक डॉ. किरण सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी राणा अमित शर्मा, एफपीओ डायरेक्टर अतहर अंसारी, एटीएम आराधना तिर्की, पंकज सिंह, बीटीएम, कृषक मित्र एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए।कार्यशाला के दौरान किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, मिट्टी जांच, संतुलित उर्वरक उपयोग, कम बारिश की स्थिति में फसल चयन, मेड़बंदी, जल संरक्षण, मल्चिंग एवं ड्रिप सिंचाई आधारित आधुनिक खेती की जानकारी दी गई।

वैज्ञानिकों ने कहा कि बदलते मौसम और कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। साथ ही किसानों को केसीसी योजना और सरकारी कृषि योजनाओं से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। वरीय वैज्ञानिक डॉ. किरण सिंह ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार खाद और उर्वरक का उपयोग करने से उत्पादन बेहतर होगा और लागत भी कम आएगी। उन्होंने किसानों को जल संरक्षण आधारित खेती और मौसम के अनुरूप बीज चयन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के किसानों ने सब्जी और फल उत्पादन से जुड़ी समस्याओं को भी रखा। किसानों ने कहा कि किस्को क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादन होता है, लेकिन कोल्ड स्टोरेज नहीं होने के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता और फसल खराब होने का खतरा बना रहता है। इस पर केवीके की ओर से सांसद प्रतिनिधि दयानंद उरांव से आग्रह किया गया कि किसानों के हित में किस्को प्रखंड में जल्द कोल्ड स्टोरेज की स्थापना कराई जाए। सांसद प्रतिनिधि ने किसानों की मांग को गंभीर बताते हुए इसे सांसद के समक्ष प्रमुखता से रखने का भरोसा दिया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला के दौरान किसानों ने खरीफ फसलों में रोग-कीट प्रबंधन, सिंचाई और बाजार से जुड़ी समस्याओं को भी रखा, जिस पर वैज्ञानिकों ने विस्तार से समाधान बताया।

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