Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में डूरंड कप-2026 की विजेता टीम ईस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब को प्रेसिडेंट्स कप की ट्रॉफी सौंपी। ईस्ट बंगाल ने अगस्त में खेले गए 135वें डूरंड कप के फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। यह ईस्ट बंगाल का डूरंड कप में 17वां खिताब था। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने सबसे ज्यादा डूरंड कप खिताब जीतने के मामले में मोहन बागान की बराबरी कर ली। विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए फाइनल में ईस्ट बंगाल की ओर से थ्लिबाम बिपिन सिंह ने 10वें मिनट में, जबकि एडमंड लालरिंदिका ने 12वें, 22वें और 44वें मिनट में गोल किए। एडमंड ने हैट्रिक पूरी की। मोहन बागान की ओर से एकमात्र गोल मनवीर सिंह ने 33वें मिनट में किया था।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मू ने डूरंड कप टूर्नामेंट-2026 की प्रेसिडेंट्स कप ट्रॉफी विजेता ईस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब को सौंपी। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी के अध्यक्ष और थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन सहित सोसाइटी के पदाधिकारी और ईस्ट बंगाल के खिलाड़ी मौजूद रहे। तीनों सेनाओं की ओर से आयोजित डूरंड कप दुनिया की तीसरी सबसे पुरानी जीवित फुटबॉल प्रतियोगिता है। वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट भारत की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शामिल है और स्थापित खिलाड़ियों, उभरती प्रतिभाओं तथा सर्विसेज टीमों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। डूरंड कप के 135वें संस्करण में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया था। इनमें श्रीलंका की सशस्त्र सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली एक विदेशी टीम भी शामिल थी। इसके साथ ही टूर्नामेंट ने भारतीय क्लबों, सर्विसेज टीमों और अंतरराष्ट्रीय टीमों को एक मंच पर लाने की अपनी परंपरा को जारी रखा।
