एशियाई खेल 2026: नौकायन में मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल ने जीता रजत

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Eksandeshlive Desk

आइची-नागोया: भारत के मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने एशियाई खेल 2026 में नौकायन की पुरुष स्किफ 49er (फॉर्टिनाइनर) स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत को इस संस्करण का पहला नौकायन पदक दिलाया। चीन के वेन जैडिंग और लियू तान ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि हांगकांग ने कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी ने नौ रेस की प्रतियोगिता में कुल 23 नेट अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की जोड़ी 16 अंक के साथ पहले और हांगकांग की जोड़ी 24 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत को मुश्किल शुरुआत का सामना करना पड़ा और आठवीं रेस के बाद टीम चौथे स्थान पर खिसक गई थी। हालांकि, मनु और प्रिंस ने अंतिम यानी नौवीं रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोरदार वापसी की और कुल तालिका में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक पक्का किया।

मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल के लिए यह पदक 49er वर्ग में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम: भारतीय जोड़ी ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और एक रेस में जीत भी दर्ज की। मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल के लिए यह पदक 49er वर्ग में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम है। दोनों ने जनवरी 2026 में मुंबई में आयोजित यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की एशियाई खेल चयन ट्रायल-2 में पहला स्थान हासिल किया था। इससे पहले दोनों ने 2023 एशियाई नौकायन चैंपियनशिप और 2023 यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया सीनियर राष्ट्रीय नौकायन चैंपियनशिप में 49er वर्ग में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2022 में अबू धाबी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौकायन प्रतियोगिता में भी 49er/स्किफ वर्ग का कांस्य पदक हासिल किया था। केरल के प्रिंस नोबल 49er वर्ग में मनु फ्रांसिस के साथ जोड़ी बनाकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। दोनों ने कम उम्र में नौकायन शुरू किया और राष्ट्रीय नौकायन स्कूल, भोपाल तथा मुजिरिस यॉटिंग क्लब, केरल में प्रशिक्षण लिया। प्रिंस ने शुरुआत में लेजर रेडियल वर्ग में प्रतिस्पर्धा की और बाद में 49er जैसी उच्च प्रदर्शन वाली नौकायन स्पर्धा में कदम रखा। वर्ष 2017 में यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें सबसे होनहार यॉट्समैन के रूप में मान्यता दी थी। प्रिंस और मनु ने 2026 विश्व 49er चैंपियनशिप में फ्रांस के क्विबेरॉन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 65वें स्थान पर रहे। एशियाई खेलों की तैयारी के दौरान उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण के स्वीकृत एसीटीसी बजट के तहत विदेशी प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए सहायता भी मिली। मनु फ्रांसिस भी केरल से हैं और 49er वर्ग में प्रिंस नोबल के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। दोनों रिश्तेदार और बचपन के मित्र हैं। शुरुआती प्रशिक्षण के बाद दोनों भारतीय सेना में शामिल हुए और आर्मी यॉटिंग नोड के माध्यम से अपने नौकायन कौशल को आगे बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में भारत की प्रतिस्पर्धी नौकायन प्रणाली में अपनी जगह मजबूत की। 49er दो खिलाड़ियों वाली उच्च प्रदर्शन वाली स्किफ स्पर्धा है। यह तेज गति और तकनीकी कौशल के लिए जानी जाती है तथा लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल नौकायन स्पर्धाओं में से एक है। नौकायन में 49er (फॉर्टिनाइनर) दो खिलाड़ियों वाली उच्च प्रदर्शन की स्किफ श्रेणी की रेसिंग नाव है। इसका नाम इसकी 4.99 मीटर लंबी पतवार (हुल) के आधार पर पड़ा है। लगभग 16 फीट लंबी यह नाव अपनी तेज गति, हल्के ढांचे और तकनीकी कौशल के लिए जानी जाती है।

नितेश सिवाच ग्रीको-रोमन 97 किग्रा फाइनल में, मानसी कांस्य की दौड़ में: भारतीय पहलवान नितेश सिवाच ने गुरुवार को एशियाई खेलों में पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया, जबकि मानसी अहलावत को महिलाओं के 62 किग्रा सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। नितेश ने मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार को 9-0 से हराकर स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ाया, वहीं मानसी अब कांस्य पदक के लिए रेपेचेज में उतरेंगी। एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता नितेश ने हांगझोउ एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता गंखुयाग के खिलाफ शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और 9-0 की शानदार जीत दर्ज की। इससे पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अमानबर्दी अगामामेदोव को 7-1 से हराया था। नितेश ने पहले ही पीरियड में 7-0 की बढ़त बना ली थी और बाद में मुकाबला अपने नाम किया। नितेश अब स्वर्ण पदक के लिए ईरान के मेहदी बालिहामजेहदेह और जापान के यूरी नकाजातो के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेंगे। वहीं, महिलाओं के 62 किग्रा सेमीफाइनल में मानसी अहलावत को जापान की दो बार की विश्व चैंपियन नोनोका ओजाकी ने 6-0 से हराया। ओजाकी ने शुरुआत में टेकडाउन से दो अंक हासिल किए और फिर एक और टेकडाउन के जरिए अपनी बढ़त 4-0 कर ली। मानसी ने इसके बाद अच्छी रक्षात्मक कुश्ती की, लेकिन ओजाकी की मजबूत रक्षा को भेदने में सफल नहीं हो सकीं। दूसरे पीरियड में ओजाकी ने एक और टेकडाउन से दो अंक हासिल किए और 6-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बना ली। 59 किग्रा वर्ग की पूर्व विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता मानसी अब रेपेचेज में उतरेंगी, जहां उनके पास कांस्य पदक के लिए मुकाबला करने का मौका होगा। जूडो में भी भारत को मिश्रित परिणाम मिले। महिलाओं के 57 किग्रा क्वार्टर फाइनल में यामिनी मौर्या को मंगोलिया की अरिउनजाया तेरबिश के खिलाफ युको के आधार पर हार मिली। अब वह कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाने के लिए रेपेचेज में जापान की मियो शिराकाने से भिड़ेंगी। महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में इनुंगनबी ताखेल्लाम्बम ने नेपाल की पुनम श्रेष्ठ को इप्पोन से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अंतिम आठ में उनका सामना उत्तर कोरिया की मुन सोंग हुई से होगा। भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने भी कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय टीम को सेमीफाइनल में हांगकांग के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने जीता कांस्य, सेमीफाइनल में हांगकांग ने 2-1 से हराया: भारतीय महिला स्क्वैश टीम को एशियाई खेल 2026 के सेमीफाइनल में हांगकांग के खिलाफ 1-2 से हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। रोमांचक मुकाबले में हांगकांग ने जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। पहले मुकाबले में अनाहत सिंह ने शानदार शुरुआत करते हुए हांगकांग की सिन युक चान के खिलाफ पहला गेम 11-9 से अपने नाम किया। स्कोर 8-7 होने के बाद अनाहत ने दबाव में संयम बनाए रखा। दूसरे गेम में 8-8 की बराबरी के बाद उन्होंने लगातार तीन अंक लेकर गेम 11-8 से जीत लिया और मुकाबले में 2-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद सिन युक चान ने वापसी की। तीसरे गेम में अनाहत की लय थोड़ी प्रभावित हुई और चान ने 8-4 की बढ़त बनाने के बाद गेम 11-6 से जीत लिया। चौथे गेम में अनाहत ने फिर अच्छी शुरुआत की और 6-3 की बढ़त बनाई। उनके पास तीन मैच प्वाइंट भी आए, लेकिन चान ने शानदार खेल दिखाते हुए तीनों बचा लिए और स्कोर 10-10 कर दिया। इसके बाद अनाहत एक और मैच प्वाइंट का फायदा नहीं उठा सकीं और चान को स्ट्रोक मिलने के बाद मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंच गया। भारत ने इसके बाद तन्वी खन्ना की शानदार वापसी से सेमीफाइनल में बराबरी हासिल की। तान्वी ने अपने से 33 स्थान ऊपर रैंकिंग वाली हांगकांग की ली का यी को 3-1 से हराया। उन्होंने पहला गेम 4-11 से गंवाया, लेकिन इसके बाद 13-11 से दूसरा गेम जीतकर वापसी की। तान्वी ने तीसरा गेम 11-9 से अपने नाम किया और चौथे गेम में दबाव के बीच 13-11 से जीत दर्ज कर मुकाबला भारत के पक्ष में कर दिया। तन्वी ने मुकाबले में आक्रामक रणनीति अपनाई और लगातार ली की पहुंच को परखती रहीं। चौथे गेम में 11-11 की बराबरी के बाद उन्होंने अतिरिक्त अंकों में संयम बनाए रखा और 13-11 से गेम जीतकर भारत की पदक उम्मीदें कायम रखीं। हालांकि अनुभवी जोशना चिनप्पा निर्णायक मुकाबले में वापसी पूरी नहीं कर सकीं। 40 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी को हांगकांग की हो त्जे लोक ने 3-0 से हराया। हो त्जे लोक ने 11-4, 11-7, 11-9 से जीत दर्ज की। जोशना ने मुकाबले के अंतिम चरण में कड़ा संघर्ष किया और पांच मैच प्वाइंट भी बचाए, लेकिन दुनिया की 39वें नंबर की हांगकांग खिलाड़ी की रफ्तार का मुकाबला नहीं कर सकीं। इस जीत के साथ हांगकांग ने सेमीफाइनल 2-1 से अपने नाम कर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि भारतीय महिला टीम को कांस्य पदक मिला।

भारतीय तीरंदाज गणेश थिरुमुरु ने कंपाउंड व्यक्तिगत में जीता कांस्य: भारतीय तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने गुरुवार को एशियाई खेल 2026 की पुरुष कंपाउंड व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया। कांस्य पदक मुकाबले में गणेश ने वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराकर पोडियम पर जगह बनाई। गणेश ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की। पहले सेट में उन्होंने लगातार तीन 10 अंक हासिल किए, जबकि डांग ने 10, 9 और 10 अंक जुटाए। इसके साथ गणेश ने 30-29 की बढ़त बनाई। दूसरे सेट में भी भारतीय तीरंदाज ने तीनों तीरों पर 10 अंक हासिल किए, जबकि डांग के खाते में 10, 9 और 10 अंक आए। गणेश ने अपनी बढ़त बढ़ाकर 60-58 कर ली। तीसरे सेट में दोनों तीरंदाजों ने तीनों प्रयासों में 10-10 अंक हासिल किए। इसके बावजूद गणेश की कुल बढ़त बरकरार रही और स्कोर 90-88 रहा। चौथे सेट में गणेश ने 10, 9 और 10 अंक जुटाए, जबकि डांग ने 9, 10 और 9 अंक हासिल किए। गणेश ने 119-116 की बढ़त के साथ अंतिम सेट में प्रवेश किया। पांचवें और अंतिम सेट में गणेश ने लगातार तीन 10 अंक लगाए। वहीं डांग 8, 10 और 10 अंक ही हासिल कर सके। गणेश ने कुल 149 अंक जुटाए, जबकि डांग 144 अंक हासिल कर सके। गणेश ने मुकाबले में कुल 14 बार 10 अंक और केवल एक बार 9 अंक हासिल किया। उनकी इस शानदार सटीकता ने भारत को कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाया। इसके साथ ही एशियाई खेलों में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी दल का अभियान तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ।

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