बड़कागांव/ हजारीबाग : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर बादम स्थित मां पंचबहिनी मंदिर परिसर में कर्णपुरा बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एनटीपीसी, अडाणी, जेएसडब्ल्यू व रोहने कोल कंपनियों के खिलाफ एकदिवसीय संकल्प उपवास सह महासभा का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक 20 से अधिक लोग उपवास पर बैठे। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। महासभा को संबोधित करते हुए पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि गोंदलपुरा से शुरू हुआ आंदोलन अब केरेडारी व टंडवा तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब क्षेत्र के अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई बन चुका है। जमीन और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि बड़कागांव, केरेडारी व टंडवा के लोगों को विस्थापन के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करनी होगी। पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता बालेश्वर कुमार, विजय साहू समेत अन्य वक्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।विकास महतो उर्फ विनय ने कहा कि आंदोलन की अगली रणनीति जल्द तय की जाएगी। इसके तहत कंपनी अधिकारियों के क्षेत्र में आने पर विरोध, क्षेत्र में बढ़ती केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की मांग, मोटरसाइकिल रैली और बड़कागांव से विधानसभा तक पैदल मार्च जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
