सिदरोल व टाटीसिल्वे में किया गया रावन दहन कार्यक्रम आयोजन

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MUKESH KUMAR


नामकुम:
विजयादशमी पर्व के अवसर पर मंगलवार को नामकुम क्षेत्र में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। टाटीसिल्वे और सिदरौल में भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों स्थानों पर विशालकाय पुतलों, गगनभेदी आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। रावण की गर्जना के बीच जैसे ही पुतलों में आग लगी, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। हजारों लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस आयोजन के साक्षी बनकर दशहरा का उत्सव मनाया।
टाटीसिल्वे में 55 फीट ऊंचे रावण का दहन
टाटीसिल्वे स्थित ईईएफ मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में 25 हजार से अधिक लोग पहुंचे हुए थें। बंगाल के कलाकारों ने यहां 55 फीट ऊंचा रावण का आकर्षक पुतला तैयार किया था। मैदान में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, जैलेंद्र कुमार, रामकुमार पाहन सहित कई अतिथि उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान लोगों ने रावण दहन के माध्यम से बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
सिदरौल में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले जले
सिदरौल के जतराटांड़ मैदान में भी विजयादशमी पर भव्य आयोजन किया गया। यहां 60 फीट ऊंचे रावण तथा 55-55 फीट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। तीनों पुतलों के जलने के दौरान रावण की गर्जना और देर तक हुई आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम में खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश पॉल मुंजनी, मनोज सिंह और भाजपा नेत्री आरती कुजूर सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। विशालकाय पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान में जुटे।
टाटीसिल्वे में रावण दहन का निर्धारित समय शाम सात बजे रखा गया था, लेकिन आयोजन समिति ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए करीब साढ़े छह बजे ही पुतले का दहन कर दिया। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु रावण दहन देखने से वंचित रह गए। सात बजे के निर्धारित समय को ध्यान में रखकर सैकड़ों परिवार और श्रद्धालु ईईएफ मैदान की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही रावण दहन शुरू होने की सूचना मिली। कई लोग मैदान तक पहुंचने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन तब तक पुतला जल चुका था। इससे निराश होकर अनेक लोगों को वापस लौटना पड़ा। आयोजन समिति का कहना था कि मैदान में तेजी से बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर आधे घंटे पहले दहन करने का निर्णय लिया गया।

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